भारतकोश
प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)

प्रत्यभिज्ञाहृदयम् (आचार्य क्षेमराज - काश्मीर शैवदर्शन एवं जयदेव सिंह सान्वय हिन्दी भाष्य)

Pratyabhijnahridayam of Acharya Kshemaraja with Hindi Commentary

आचार्य क्षेमराज द्वारा

DevanagariHindipublished187 पृष्ठ

पृष्ठ 178, कुल 187 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 178

( ७ ) मायीय शब्द ९४ माहेश्वर्यं ४८, ६८ माहेश्वरीचिति ९९ मीमांसा ६० मुक्ति ५४, ५७, ७४ मुक्तिद ५९ मुद्रा ८४ मुद्रात्मा ९२ मुद्राक्रम ९१ मेय ७७ मेयजात ६८ मोक्ष ४७, ६३ य योगिनाम् ४७ योगिवर ९१ र रक्त ६९ रजस् ५५, ५६ रज्यति ६९ रस ९० रहस्यरूप ६८ ल लङ्घितुम् ४६ लय ९८ व वर्ण ७१ वर्णात्मक ७१ वह्नि ८८ वाचक ९५ वाच्य ९५ वायुपूर्ण ८८ वासुदेव ६१ विकल्प ५४, ५६, ७२, ८४ विकल्पन ७३ विकल्पक्षय ८३ विकल्पक्रिया ७१ विकास ८४, ८८ विग्रह ५२ विग्रही ५२ विज्ञानाकल ५०, ६१ विज्ञानाफलता ५४ विद्या ५०, ५९, ६६ विद्याप्रमातॄता ५४ विद्याराग ६२ विन्दु ९५ विधूतचेतसः ८८ विनाशन ६७ विभव ७२ विमर्श ४४, ९५ विमर्शमय ४७ विमर्शमयी ७१ विमर्शन ६९ विलय ६७, ६८ विलयपद ६९ विलापन ६९ विशेष ४७ विश्व ४५, ४६, ४८, ४९, ५२, ७१, ८०; ९४, ९५ विश्वमय ५१, ५२, ६२ विश्वसिद्धि ४४ विश्वग्रसन ७८