पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)
Prithviraj Raso by Chand Bardai with Hindi Commentary
महाकवि चन्दबरदाई / कविराज मोहनसिंह द्वारा
DevanagariHindipublished470 पृष्ठ
पृष्ठ 285, कुल 470 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 285
२७४ पृथ्वीराजरासो । [ तीसरा समय २० सो अशुद्ध है। मालूम होता है कि ग्रन्थकर्त्ता ने जनरैल कनिंगघाम साहब की सन् १८७१ की रिपोर्ट पुस्तक १ पृष्ठ १६९ ही पढ़ कर यह वृत्तान्त लिख दिया कि जिस को अब तक अनेक बालक पढ़ कर मिथ्याज्ञान उपार्जन करते चले आते हैं। यह तहकीकात पीछे के अन्वेषण से रद्द हो गई है कि जिसका वृत्तान्त उक्त जनरैल साहब की रिपोर्ट पुस्तक ४ पृष्ठ २८ में लिखा है। पिछली तहकीकात के अनुसार इस कीली की ऊंचाई धरती से ऊपर २२ फुट और धरती के नीचे केवल बीस इंच और कुल लंबाई २३ फुट ८ इंच निश्चित हुई है। उक्त सभा जो अपनी पुस्तक में इस भूल को सुधार दे तो अत्युत्तम है ॥ इति ।