भारतकोश
पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

पृथ्वीराज रासो (सटीक हिन्दी व्याख्या)

Prithviraj Raso by Chand Bardai with Hindi Commentary

महाकवि चन्दबरदाई / कविराज मोहनसिंह द्वारा

DevanagariHindipublished470 पृष्ठ

पृष्ठ 445, कुल 470 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 445

दसवां समय ११ ] पृथ्वीराजरासो । ४३५ चौह्मान की विजय पर चन्द कवि का जै जै कार करना ॥ दूहा ॥ जीति राज चहुवांन बन । आपेटक असुरान ॥ जै जै जै कविचंद कहि । चंद सूर वप्पान ॥ छं० ॥ ३६ ॥ रु० ॥ ३१ ॥ इति श्री कविचंद विरचिते प्रथिराजरासके राजा चहूवन आपेटक रन सुरतांन चूक करनं नाम दसम प्रस्ताव संपूर्णम् ॥ १० ॥ ३१ पाठान्तर-चहुवांन । असुरांन । घपांन ॥