भारतकोश
पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

Purnaprajna Bhashya of Sriman Madhvacharya with Commentary

श्रीमन् मध्वाचार्य (टीकाकार: जगन्नाथ यति / गोपालकृष्णाचार्य) द्वारा

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? Wait, look at line 13: "यत इत्याद्युपस्कार्यम्" - wait, there is only ONE द्या: य - त - इ - त्या - द्यु - प - स्का - र्य - म् Wait! Look at the image line 13: "यत इत्याद्याद्युपस्कार्यम्" Wait, is there "द्या" and then "द्यु"? Let's zoom in on line 13, first word: "यत इत्या" -> then there is "द्यु" or "द्या"? It is: "इत्यादावुपस्कार्यम्"?? Wait! Look at the letters: इ (i) त्या (tyā) दा (dā) वु (vu) प (pa) स्का (skā) र्य (rya) म् (m) Wait! Could it be "इत्यादावुपस्कार्यम्"? इति + आदौ + उपस्कार्यम् = इत्यादावुपस्कार्यम्! "यत इति आदौ उपस्कार्यम्" = The word 'यत' is to be supplied at the beginning (आदौ)! WOW, THAT MAKES TOTAL SENSE! "यत इति आदौ उपस्कार्यम्" -> "यत इत्यादावुपस्कार्यम्"! Because: Look at line 8: "तथा चेत्थं योजना—यतः 'अग्निर्ज्योतिः' इत्यादिना..." He supplied 'यतः' at the beginning! So here