भारतकोश
पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

पूर्णप्रज्ञ भाष्य (श्रीमन् मध्वाचार्य - द्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य जगन्नाथदीपिका सटीक)

Purnaprajna Bhashya of Sriman Madhvacharya with Commentary

श्रीमन् मध्वाचार्य (टीकाकार: जगन्नाथ यति / गोपालकृष्णाचार्य) द्वारा

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भिध्येति ॥ विशिष्यप्रमाणा-" In L31: "व्ययुक्तिसमुच्चये चशब्दः । सूत्रस्याभिध्यायाः प्रकृतित्वोपदेशात्पर-" मेश्वरत्वोपदेशाच्चेति वृत्तिमाश्रित्यैपदेशपदोक्तप्रमाणमाह—मायामि- Wait, L32: "वृत्तिमाश्रित्यैपदेशपदोक्तप्रमाणमाह—" or "वृत्तिमाश्रित्योपदेशपदोक्तप्रमाणमाह—"? Look at L32: "वृत्तिमाश्रित्योपदेशपदोक्तप्रमाणमाह—" Yes, 'त्यो' (त + य + ओ-matra): "माश्रित्योपदेशपदोक्तप्रमाणमाह—मायामि-"

Everything is extremely clear and verified against the image. Formatting: Prefix each line with , , etc. Maintain exact Devanagari Unicode.[ अधि - ६. सू - २५. ] दीपिकासहितम्. ३८७ तिज्ञादृष्टान्तानुपरोधात्प्रकृतिशब्दवाच्योऽपि स एव ॥२४॥ ( ३ ) सू—ॐ ॥ अभिध्योपदेशाच्च ॥ ॐ ॥ २५ ॥ मायां तु प्रकृतिं विद्यान्मायिनं तु महेश्वरम् । (श्वे.४-१०.) [L