राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)
Rajatarangini of Kalhana with Hindi Translation
महाकवि कल्हण / पं. रघुनाथ सिंह द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२७६ राजतरंगिणी तस्य धावन्तमुन्मत्तमन्तःकरणवारणम् । बलान्नियमिनुं नासीदपवादभयाङ्कुशः ॥ २५१ ॥ २५१. लोकापवाद का भय रूपी अंकुश राजा के धावित उन्मत्त अन्तःकरण रूपी गज को बल पूर्वक नियन्त्रित करने में असफल रहा। तस्मिन्नुद्वृत्तरागाग्निविप्लवे भूपतेः पुनः । उवाह इयवृत्तान्तो दृप्तवातानुकारिताम् ॥ २५२ ॥ २५२. राजा की उस उद्दीप्त रागाग्नि विप्लव में पुनः अश्व वृत्तान्त ने प्रचण्ड वायु का कार्य किया। चक्रे पर्यस्तमर्यादः सरलाङ्गुलिशोभिना । स काञ्चनकराङ्केन शशाङ्केनेव वारिधिः ॥ २५३ ॥ २५३. शशांक जिस प्रकार समुद्र को मर्यादा हीन कर देता है, उसी प्रकार कांचनकरा कितु सरल अंगुलियों १ की शोभा ने राजा को मर्यादा रहित कर दिया। व्रीडानिगडनिर्मुक्तो दूतैराकृतशंसिभिः । तामुपच्छन्दयन्सोऽथ सुन्दरीमुद्वेजयत् ॥ २५४ ॥ २५४. लज्जा शृंखला से निर्मुक्त उस राजा ने अभिप्राय विज्ञ दूतों द्वारा उसे प्रलोभित १ करता उस सुन्दरी को उद्वेजित किया। सर्वोपायैरसाध्यां च विप्रस्तत्पतिरप्यसौ । तैनाऽयाच्यत लुब्धेन रागान्धानां कुतस्त्रपा ॥ २५५ ॥ २५५. उस लोभी राजा ने सब साध्य उपायों से अप्राप्य उसके पति विप्र से भी उस सुन्दरी की याचना की। रागान्धों को भला लज्जा १ कहाँ? श्लोक संख्या २५१ में 'वारणम्' का पाठभेद 'कारणम्' मिलता है। श्लोक संख्या २५२ में 'सुवृत्त' का पाठभेद 'शूवृद्ध' तथा 'नूवृत्त' मिलता है। पादटिप्पणियाँ : २५३ (१) सरलांगुलि : कल्हण यहाँ अपनी प्रकाण्ड विद्वत्ता का परिचय देता है। यहाँ पर सरल शब्द का प्रयोग साभिप्राय किया गया है। स्त्रियों की सरल एवं लम्बी उंगलियां प्रशस्त फल किंवा शुभकर कही गयी हैं। भावप्रकाश इसे व्यक्त करता है। कोमलः सरलोऽङ्गुष्ठो वर्तुलौ यदि योषिताम् । क्रमादेवं कृशाङ्गुल्या दीर्घाकाराश्च वर्तुलः । पृष्टरोमाः शस्तकलाश्चिपिटा उदिता बुधैः । कवि दण्डी 'दशकुमार चरितम्' में सरल, गोल, लाल उंगलियों का इसी प्रकार सुन्दर वर्णन करता है—'कोमल नखगणी श्वश्वनूपूर्ववृत्ततप्तताम्राङ्गुली सन्नतांस देशे सौकुमार्यवत्त्वो निम्ननपर्वसन्धौ च बाहुलते । ६।२८। २५४ (१) प्रलोभन : इस विषय पर कश्मीरी रचना संस्कृत काव्य 'कुट्टनीमतम्' द्रष्टव्य है। वह गणिका, वेश्या तथा कामियों के प्रलोभन आदि का विषय वर्णन करता है।