भारतकोश
राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)

राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)

Rajatarangini of Kalhana with Hindi Translation

महाकवि कल्हण / पं. रघुनाथ सिंह द्वारा

DevanagariHindipublished984 पृष्ठ

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पृष्ठ 447

३३२: राजतरंगिणी तासु तासु कुलस्त्रीषु व्यर्थयत्नास्वथाचलत् । चन्द्रवत्याख्यया स्पृष्टा कुलान्या सा महाशिला ॥ ३२१ ॥ ३२१. उन उन कुलीन स्त्रियों के यत्न व्यर्थ हो जाने पर, चन्द्रावती नाम्नी स्त्री के स्पर्श से वह महा शिला सचल हो गयी, १ । कोटित्रयं नरपतिः क्रुद्धस्तेनागसा ततः । सपतित्रातृपुत्राणामवधीत्कुलयोषिताम् ॥ ३२२ ॥ ३२२. इस अपराध के कारण क्रुद्ध नरपति ने तीन करोड़१ पति, भ्राता पुत्र सहित कुल योषिताओं का वध कर दिया। इत्थं चान्यमते ख्यातिः प्रथते तथ्यतः पुनः । अभव्या सनिमित्ताऽपि प्राणहिंसा गरीयसी ॥ ३२३ ॥ ३२३. अन्य लोगों के मत में यह ख्याति उपयुक्त है, किन्तु तथ्यतः सकारण भी इतनी बड़ी संख्या में प्राण हिंसा शोभनीय नही है। श्लोकसंख्या ३२१ में 'सा महा' का पाठभेद | शिला स्पर्श किया। आश्चर्यजनक घटना घटी। 'स महा' मिलता है। | पत्थर हट गया। राजा बीमार पड़ा। उसने स्वयं | अग्नि प्रवेश कर प्राणोत्सर्ग किया।' पादटिप्पणियाँ : | राजा मिहिरकुल की मृत्यु सन् ५३० ई० में | हुई। ३२१ (१) आइने अकबरी मे शिला उठाने की | कहानी का निम्नलिखित वर्णन किया गया है- | ३२२ (१) त्रिकोटि हून : मिहिरकुल का नाम "काश्मीर की एक नदी में एक बड़ा पत्थर उभड़ | (रा० त० १ : ३१०) त्रिकोटिहन दिया गया आया था। उससे नदी की धारा का अवरोध हो | है। उसने ३ करोड़ मानव का संहार किया था। गया था। दिन में पत्थर जितना काटा जाता था, | कल्हण के कथनानुसार मिहिरकुल का नाम तीन रात में उतना ही बढ़ जाता था। उसी समय आकाश- | कोटि लोगों के वध करने के कारण त्रिकोटिहन पड़ वाणी सुनाई दी-यदि कोई सती स्त्री पत्थर का | गया था। स्पर्श करे, तो शिला का लोप हो जायेगा। स्त्रियों | यूनानी इतिहासकार हिरोडटस ने भी फरोहा को शिला स्पर्श करने के लिए, आदेश प्रचारित | के सम्बन्ध में इसी प्रकार की एक कहानी का वर्णन किया गया। राज्य कर्मचारियों ने बहुत स्त्रियो को | किया है। शिला स्पर्श कराया। परन्तु शिला टस से मस न | ह्वेनसांग कहता है- 'तब ६ सौ हजार हुई। राजा मिहिरकुल बिगड़ा। उसने असती | उच्च कुल के लोगों को राजा मिहिरकुल ने शिन्त- स्त्री तथा उनके पति को असती स्त्री रखने के अप- | नदी के तट पर वध करवा दिया था। मध्यम राध में मृत्यु दण्ड दे दिया। उनके संतानों को वर्ण- | श्रेणी के लोगों को नदी में डुबवा दिया था '(१: संकर घोषित कर दिया। इस प्रकार तीस लाख | १७२ ग्यूकी)। लोग मार डाले गये। एक कुम्भकार की स्त्री ने |