राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)
Rajatarangini of Kalhana with Hindi Translation
महाकवि कल्हण / पं. रघुनाथ सिंह द्वारा
पृष्ठ 521, कुल 984 में से
संदर्भ में पढ़ें३८६ राजतरंगिणी नाट्यं सर्वजनप्रेक्ष्यं यश्चक्रे स महाकविः । द्वैपायनमुनेरंशस्तत्काले चन्दकोऽभवत् ॥१६॥ १६. उसी के समय जिसने सर्व जन प्रेक्ष्य नाट्य का निर्माण किया, वह द्वैपायन¹ मुनि का अंशभूत महाकवि चन्दक² था। के पास है। मुजफ्फराबाद जिला में मुजफ्फराबाद, उरी की आधी तहसील, और तीन चौथाई करनाट पाकिस्तान के पास है। गिलगित का दूसरा इलाका पहले का रिड्सोक्षेत्र, लद्दाख सूबा में स्करदा की तहसील, मारवा का थोड़ा भाग तथा करगिल की एक चौथाई तहसील पाकिस्तान के पास है। डोगरा राज्य काल के पश्चात् अक्टूबर सन् १६४७ से जनवरी सन् १६४६ तक पाकिस्तान से संघर्ष था। जम्मू कश्मीर राज्य इस समय निम्नलिखित विभागों में विभक्त है—जम्मू प्रदेश में जम्मू, कठुआ उधमपुर, डोडा, नय शहर के जिले हैं। कश्मीर प्रदेश में श्रीनगर, अनन्त नाग और बारह मूला है। सरहदी इलाकाजात में लद्दाख का जिला है उसमे करगिल सम्मिलित है। पहली जनवरी सन् १६४९ को युद्ध विराम रेखा के आधार पर विभाग किया गया है। यह युद्ध विराम रेखा मुनावर् तहसील भीमवर से आरम्भ हो कर, देवह, और बटाला के बीच होकर नौशेरा और राजौरी के करीब से जाती है। पूंछ का शहर बायी ओर छोड़कर उड़ी के दरम्यान से झेलम के उस पार से होती हुई काजी नाग तक गयी है। काजी नाग से आगे बढ़कर टिफवस के करीब से हो कर थरवयाँ गली के साथ केरन में जाती है। यहाँ से पूरव तरफ गुरेज से हो कर, करगिल कसबा के बीच से होकर, तहसील इस्क- रदू को काटती तहसील लद्दाख तक चली जाती है। सन् १६४१ के बाद कश्मीर में जनगणना नहीं हुई। उस समय की जनगणना के अनुसार जम्मू कश्मीर राज्य की आबादी ४०,३४,१८० थी। कश्मीर प्रदेश की आबादी १७,२८,६००, जम्मू प्रदेश की १५,६१, ५८०, सरहदी इलाके अर्थात् लद्दाख करगिल में ३,११,१००, जागीर पूंछ में ५, २१, ७०० और चनेनी में ११,८०० लोग आबाद थे। उसमे मुसलमान ३०, ७३, ५४०, सवर्ण हिन्दू, ५, ८६, ६२१, हरिजन १, १३, ४६४, सिख ६५, ९०३, बौद्ध ईसाई जैन आदि ८८,०८८ थे। पूरा क्षेत्रफल लगभग ८४ हजार वर्ग मिल था। प्रति मिल में औसतन ४७ व्यक्ति निवास करते थे। सरहदी क्षेत्र में प्रति मिल ९ व्यक्ति निवास करते थे। भारतीय क्षेत्र अधिक उपजाऊ तथा कम पहाड़ी है। पाकिस्तानी भाग पहाड़ी और वन धन से भरा है। युद्ध बन्दी के पश्चात् भारतीय कश्मीर की आबादी में ६० प्रतिशत मुसलमान तथा ४० प्रति शत हिन्दू है। पाकिस्तान में अनधिकृत कश्मीर में १३ लाख मुसलमानों की आबादी थी। भारतीय क्षेत्र में १८ लाख मुसलमान है। उसमें १६ लाख केवल कश्मीर उपत्यका में है। केवल २ लाख सूबा जम्मू में है। गैर मुस्लिम जम्मू में १० लाख और कश्मीर सूबा में २ लाख है। इस प्रकार १८ लाख मुसलमान तथा १२ लाख गैरमुस्लिम इस समय आबाद है। पाकिस्तान में १२ लाख सबके सब मुसलमान हैं। सन् १९६१ की जनगणना के अनुसार जम्मू कश्मीर की भारतीय भाग की आबादी ३५,८३,००० और क्षेत्रफल २२२८०२ वर्ग किलोमीटर है। सन् १६४१ की गणना अनुसार इस क्षेत्र की आबादी ३०,००,००० थी। कश्मीर राज्य का विभाजन तथा पुनर्गठन अनेक बार हुआ है। प्राचीन भूगोल तथा विभाग से आज का विभाजन सर्वथा भिन्न है। पाठभेद : श्लोक संख्या १६ में 'यश्चक्रे' का 'यच्चक्रे'; 'कविः' का 'कवेः' 'पायन' का 'पायनं' तथा 'चन्दको'