भारतकोश
राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)

राजतरंगिणी (महाकवि कल्हण - सम्पूर्ण काश्मीर व भारत राजवंश इतिहास)

Rajatarangini of Kalhana with Hindi Translation

महाकवि कल्हण / पं. रघुनाथ सिंह द्वारा

DevanagariHindipublished984 पृष्ठ

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पृष्ठ 943

१३४ राजतरंगिणी 'वह सन्तानहीन था । उसने पण्डू खा अथवा वन्दू खा को गोद लिया। इस राजा का विचित्र जन्म हुआ था । उसकी एक माता एक सरोवर में स्नान कर रही थी । सहसा गर्भवती हो गयी । उसकी मृत्यु भी उस सरोवर में स्नान करते समय हो गयी । उसका शरीर पानी मे फूल गया । उसमे १५ हजार सन्तानें हुईं । उन्हीं के वंशज भारतीय इतिहास वर्णित पाण्डव हैं । पण्डू खा का लड़का लादो खां हुआ ।' इस इतिहासकार के अनुसार वंशावली निम्नलिखित होती है । महारमन् सुलेमान ने अपने भतीजा इसोन को राजा बनाया उसके पश्चात् निम्नलिखित कश्मीर के राजा क्रमानुसार हुए । १. सुलेमान २ इसोन ३. कस्सलघन ४. महरकज ५. पेन्दू खा ६ लदो खा ७. सेदर खां ८. सुन्दर खा ९. कुन्दर खां १०. सुन्दर खा (द्वितीय) ११. तुन्दू खा १२. बेदू खा १३. महन्द खां १४. दरविश खा १५. देवासिर खा १६. तेहव खा १७. कलजू खा १८. सुरखब १९ शर्म बरम खा २० नोरंग खां २१ वारिध खा २२. गवशेहर खा २३. पण्डू खा (द्वितीय) २४. हरशिर खां २५ राजिल खां २६. अकबर खा २७. जबर खा २८. नोदर खा २९. शंकर खा ३०. बकराज । बकराज के वंशजो का नाम नही मालूम है । ओगनन्द पहला राजा हुआ जिसके समय से इतिहास क्रमबद्ध चलता है । बैउद्दीन के अनुसार राजाओं का संक्षिप्त विवरण ⸱ ८. सुन्दर खा—इस राजा के समय कश्मीर के हिन्दुओ में बुतपरस्ती अर्थात् मूर्ति पूजा आरम्भ हुई । युत- परस्ती रोकने के कारण राजा मार डाला गया । ९. कुन्दर खा—३५ वर्षों तक राज्य किया । १०. सुन्दर खा—इस राजा के समय में बुतपरस्तो पुन. जोर पकड गयी। इस राजा ने सदा शिव का मन्दिर निर्माण कराया । १२ बेदू खा—११५ वर्ष शासन किया । १६ तेहव खा—यह राजा अपने पडोसी तथा सम्बन्धी काबुल के राजा द्वारा मार डाला गया । काबुल का राजा कश्मीर की गद्दी पर कलजू खा के नाम से बैठा । १७. कलजू खा—सात वर्ष राज्य कर लेने पर कलजू खा को पाण्डवों ने गद्दी से उतार दिया और स्वयं राजा बन गये । १८. सुरखब—१९१ वर्ष राज्य किया । २०. नोरंग खा—महान् विजेता राजा था । इसका राज्य चीन की सीमा तक पहुँच गया था । ओगनन्द—[ मै समझता हूँ गोनन्द के लिए ओगनन्द नाम का प्रयोग किया गया है । ] २३. पण्डू खा—उसने कश्मीर राज्य के उन सब स्थानों पर कब्जा कर लिया जो कभी कश्मीर राज्य के अन्तर्गत थे । उसने राज्य भारतीय समुद्र की सीमा तक पहुँचा दिया । २४ हरशिर खा—२३ वर्ष राज्य किया । २८. नोदर खा—कश्मीर में इन्होंने आतिशपरस्ती अर्थात् अग्निपूजा का प्रचार किया । ( यह जरदस्तू अर्थात् पारसियो का धर्म था । ) २९. शंकर खां—बकराज ने इस पर आक्रमण कर मार डाला । वह एक पड़ोसी सरदार था । शंकर खां का लड़का कुछ घण्टों के लिए गद्दी पर बैठा । ३०. बकराज—बकराज राजा हुआ । उसने अपने वंशजों को राज्य दिया ।