राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १० ) विषय पृष्ठाङ्क मंत्री बिहारीदास का रामपुरे से लौटते समय देवलियां में ठहरना २०५ महारावत का देहान्त ... ... २०६ महारावत के समय के शिलालेख और दानपत्र ... २०७ महारावत का व्यक्तित्व ... ... २११ संग्रामसिंह ... ... ... २१३ महारावत की गद्दीनशीनी और मृत्यु ... २१३ महारावत के समय के ताम्रपत्र ... ... २१४ उम्मेदसिंह ... ... ... २१५ राज्यप्राप्ति और देहान्त ... ... २१५ महारावत के शिलालेख और दानपत्र ... २१६ महारावत की राणियां और सन्तति ... ... २१७ गोपालसिंह ... ... ... २१८ राज्यप्राप्ति ... ... ... २१८ मुग़ल वादशाहत की तत्कालीन स्थिति ... २१६ मरहटों का उत्थान ... ... ... २२० आंबेर और जोधपुर के राजाओं की शक्ति बढ़ना ... २२२ महारावत को धरियावद का परगना मिलना ... २२४ महारावत का डूंगरपुर से महाराणा की सेना का घेरा उठवाना २२५ मालवे के लिए मरहटों की लड़ाइयां ... २२६ मरहटों से समझौते के लिए देवलिया के समीप राजाओं के एकत्र होने की विफल योजना ... २३२ पेशवा के राजपूताना में पहुंचने पर महारावत का उसके पास जाना २३४ महारावत का महाराणा के साथ सवाई जयसिंह की सहायतार्थ जाना ... ... ... २४० महारावत का देहान्त और राणियां आदि ... २४१ महारावत के समय के शिलालेख और दानपत्र ... २४२