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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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( ११ ) विषय पृष्ठाङ्क महारावत का व्यक्तित्व ... ... २४४ महारावत सालिमसिंह ... ... ... २४५ राज्यप्राप्ति ... ... ... २४५ महारावत का दिल्ली जाकर बादशाह से सम्मान प्राप्त करना २४५ तुकोजी का देवलिया पर घेरा डालना ... २४६ महाराणा अरिसिंह की सहायतार्थ महारावत का सेना भेजना २४७ महारावत का देहांत और उसकी रानियां आदि ... २५३ महारावत के समय के शिलालेख, दानपत्र आदि ... २५४ महारावत का व्यक्तित्व ... ... २५५ सामन्तसिंह ... ... ... २५६ राज्यप्राप्ति ... ... ... २५६ धरियावद का परगना महाराणा-द्वारा खालसा होना २५७ होल्कर का प्रतापगढ़ राज्य से खिराज स्थिर करना २५८ होल्कर सरकार को खिराज की रक़म न देने से कुंवर दीपसिंह का ओल में जाना ... २५६ सिंधिया की सेना का प्रतापगढ़ को घेरना ... २५६ अंग्रेज़ सरकार के साथ महारावत की प्रथम संधि ... २६० भंवर केसरीसिंह और दलपतसिंह का जन्म ... २६३ अंग्रेज़ सरकार के साथ दूसरी संधि ... २६३ प्रतापगढ़ राज्य की आर्थिक स्थिति में उन्नति होना २६८ दलपतसिंह का डूंगरपुर गोद जाना ... . २६८ सेना-व्यय के एवज़ अंग्रेज़ सरकार को नक़द रुपये देने का क़रार होना ... ... २६६ कुंवर दीपसिंह का उपद्रव करना ... ... २७० महारावत का नवलचंद पाडलिया को कामदार बनाना २७३ महारावत की पौत्री का बीकानेर के कुंवर सरदारसिंह से विवाह २७३