भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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( १२ ) विषय पृष्ठाङ्क भंवर केसरीसिंह का देहावसान ... ... २७३ शासन में अव्यवस्था होना ... ... २७४ महारावत का डूंगरपुर से दलपतसिंह को बुलाकर शासन-कार्य सौंपना ... ... २७४ महारावत का देहान्त ... ... २७५ रानियां और संतति आदि ... ... २७५ महारावत के समय बने हुए देवालय आदि ... २७६ महारावत के समय के शिलालेख और दानपत्र आदि २७७ महारावत का व्यक्तित्व ... ... २७६ ━━━━━━━━ छठा अध्याय महारावत दलपतसिंह से वर्तमान. महारावत सर रामसिंहजी तक दलपतसिंह ... ... २८१ राज्य-प्राप्ति ... ... २८१ अंग्रेज़ सरकार की तरफ़ से गद्दीनशीनी की ख़िलअत आना २८१ महारावल जसवन्तसिंह का डूंगरपुर से वृन्दावन भेजा जाना २८२ महारावल जसवन्तसिंह का वृन्दावन में देहान्त होना और साबली के ठाकुर के पुत्र उदयसिंह का डूंगरपुर का स्वामी होना २८४ महाराजकुमार उदयसिंह का जन्म ... २८५ डूंगरपुर का शासनाधिकार छूटना ... २८५ सिपाही विद्रोह के समय अंग्रेज़ सरकार को प्रतापगढ़ राज्य से सहायता मिलना ... २८७ गोदनशीनी की सनद मिलना ... २६४ महारावत का परलोकवास और रानियां आदि ... २६५ महारावत का व्यक्तित्व ... ... २६६