भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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( १३ ) विषय पृष्ठाङ्क उदयसिंह ... ... २६७ जन्म, गद्दीनशीनी और पुत्र-जन्म ... २६७ शासन-कार्य चलाने के सम्बन्ध में महारावत के नाम पोलिटिकल एजेंट का खरीता जाना ... ... २६७ एजेन्ट गवर्नर-जेनरल का गद्दीनशीनी की खिलअत लेकर जाना २६८ भील और मीणों को दंड देना ... २६८ रेलवे निकालने के सम्बन्ध में अंग्रेज़ सरकार की महारावत से बातचीत ... २६८ महारावत का वाइसरॉय लॉर्ड लॉरेन्स से मुलाक़ात करने आगरे जाना ... ... २६६ प्रतापगढ़ में राजधानी स्थिर होना ... २६६ अंग्रेज़ सरकार की तरफ़ से प्रतापगढ़ राज्य के स्वामी की सलामी की तोपें नियत होना ... ३०० वि० सं० १९२५ के अकाल में महारावत की उदारता ३०० शासन-व्यवस्था में गड़बड़ी होना ... ३०२ अंग्रेज़ सरकार से अपराधियों के देन-लेन का इक़रारनामा होना ३०२ बांसवाड़ा राज्य के साथ सीमा सम्बन्धी झगड़ा होना ३०६ महारावत का नीमच जाकर वाइसरॉय लॉर्ड नॉर्थ ब्रुक से मुलाक़ात करना ... ... ३०८ मोदियों को महारावत का अपने राज्य में न ठहरने देना ३०८ कामदार ओंकारलाल व्यास की मृत्यु ... ३०६ महारावत का अपने राज्य की आबादी बढ़ानां ... ३०६ दिल्ली दरबार के उपलक्ष्य में महारावत को झंडा मिलना ३१० प्रतापगढ़ राज्य में प्रथम बार मनुष्य-गणना होना ३१० इन्दौर नरेश से मुलाक़ात के लिए महारावत का नीमच जाना ३१० महारावत का पारसी फ़्रामजी भीकाजी को कामदार बनाना ३११