राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १४ ) विषय पृष्ठाङ्क महारावत की सैलानेवाली महाराणी से कुंवर उत्पन्न होना ३११ महाराणी विक्टोरिया की स्वर्ण जयन्ती का उत्सव मनाया जाना ३११ महारावत का नीमच जाकर ड्यूक ऑव् कनाट से मुलाक़ात करना ... ... ... ३१२ महारावत के अन्य प्रमुख कार्य ... ... ३१२ महारावत का परलोकवास ... ... ३१३ महारावत की रानियां ... ... ३१३ महारावत के लोकोपयोगी कार्य ... ... ३१३ महारावत का व्यक्तित्व ... ... ३१३ रघुनाथसिंह ... ... ... ३१५ जन्म और गद्दीनशीनी ... ... ३१५ अंग्रेज़ सरकार की तरफ़ से गद्दीनशीनी की ख़िलअत पहुंचना ३१७ सीमा सम्बन्धी झगड़े तय होना ... ... ३१८ पंडित मोहनलाल पंड्या का कामदार नियत होना ... ३१८ रघुनाथ हास्पिटल का निर्माण होना ... ३१६ म्युनिसिपल कमेटी की स्थापना ... ३१६ सायर के महक्मे की स्थापना ... ३१६ प्रतापगढ़ में तारघर और देवलिया में डाकख़ाना खुलना ३२० मन्दसोर तक पक्की सड़क बनना ... ३२० देवलिया के राजमहलों का जीर्णोद्धार होना ... ३२० ज़िलाबंदी होना ... ... ... ३२१ सरदारों को न्याय सम्बन्धी अधिकार मिलना ... ३२१ पारसी फ़्रामजी भीकाजी को पुनः कामदार नियत करना ३२५ राजकुमारी वल्लभकुंवरी का महाराजा बीकानेर के साथ विवाह होना ३२५ महारावत का बीकानेर जाना तथा कामदार पद पर ठाकुर रघुवीरसिंह का नियत होना ... ३२६