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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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( १५ ) विषय पृष्ठाङ्क सेठ सोभागमल ढड्ढा को खज़ांची बनाना ... ३२६ न्याय-विभाग को पृथक् कर राजसभा की स्थापना करना ३२६ संवत् १९५६ का भयंकर अकाल ... ३२७ कुंवर गोवर्धनसिंह का जन्म और उसको अरणोद की जागीर मिलना ३२८ अकाल का पुन: आक्रमण ... ... ३२६ ठाकुर रघुबीरसिंह का कामदार पद से पृथक् होना ३२६ महाराजकुमार मानसिंह का खेतड़ी में विवाह होना ३२६ महारावत का अंग्रेज़ सरकार से ऋण लेकर क़र्ज़ चुकाना ३२६ सालिमशाही के स्थान में कलदार का चलन होना ३३० खिराज की रक़म में कमी होकर कलदार रक़म नियत होना ३३१ खालसे के गांवों की पैमाइश होकर ठेकाबन्दी होना ३३१ प्लेग की भयंकर बीमारी होना ... ३३२ महाराजकुमार मानसिंह को राज्याधिकार मिलना ... ३३२ महाराजकुमार मानसिंह का परलोकवास ... ३३८ महारावत के समय के पिछले उल्लेखनीय कार्य ... ३४२ महारावत का कामदार पद पर पारसी धनजीशाह को नियुक्त करना ... ... ३४३ महारावत के भंवर रामसिंह का विवाह ... ३४३ अफ़ीम की खरीद के बारे में अंग्रेज़ सरकार से बातचीत होना ३४३ महारावत की बीमारी और परलोकवास ... ३४४ महारावत की राणियां और संतति ... ३४४ महारावत के समय के लोकोपयोगी कार्य ... ३४५ महारावत का व्यक्तित्व ... ... ३४६ महारावत सर रामसिंहजी ... ... ३५० जन्म और गद्दीनशीनी ... ... ३५० शिक्षा ... ... ... ३५०