राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंमहारावत रघुनाथसिंह ३२३ तजवीज़ के ख़िलाफ़ अपील सदर दीवानी व फ़ौजदारी अदालत में होगी और उनके फ़ैसले की अपील राजेश्री महक्मा खास में होगी । ( ८ ) जो दीवानी व फ़ौजदारी मुक़दमे तुम्हारे अख्तियार से बाहर हैं, उनकी जो तजवीज़ अदालत ज़िला करेगी उनके ख़िलाफ़ अपील अदालत सदर में होगी । उनकी तजवीज़ की अपील राजेश्री महक्मा खास में होगी । ( ६ ) जो दीवानी मुक़दमे अपने पट्टे के आसामियों के, हस्ब मंशा क़लम एक तुम फ़ैसल करोगे, उनकी प्रारम्भिक कार्रवाई अदालत श्री दरवार ने तुमको बख़्शी है । तुम्हारे फ़ैसल किये इन मुक़दमों की अपील की रसूम अदालत तुमको नहीं मिलेगी और उसी तरह बाक़ी और सब क़िस्म के दीवानी मुक़दमों की, जिनको फ़ैसल करने का तुमको हक़ नहीं है, रसूम अदालत भी तुमको नहीं मिलेगी । ( १० ) जो फ़ौजदारी मुक़दमे अपने पट्टे के आसामियों के हस्ब मंशा क़लम दो तुम फ़ैसल करोगे, उनका जुरमाना तो तुमको मिलेगा और जो क़ैद की सज़ा तजवीज़ होगी वह यदि तुम्हारे यहां के जेलखाने का बन्दोवस्त रियासत हाज़ा के क़ायदे के मुताबिक़ होगा तो वहां भुगताई जावेगी, नहीं तो श्रीदरवार के जेलखाने में भुगताई जावेगी और ऐसे क़ैदियों की खुराक वग़ैरा का खर्चा तुमको देना होगा । तुम्हारे फ़ैसल किये हुए इन मुक़दमों की अपील की रसूम अदालत तुमको नहीं मिलेगी और उसी तरह बाक़ी अन्य सब क़िस्म के फ़ौजदारी मुक़दमों का, जिनके फ़ैसल करने के तुम अधिकारी नहीं हो, जुरमाना तुमको नहीं मिलेगा । ( ११ ) रसूम सरकारी याने दस्तावेज़ लिखने के लिए जो स्टांप के काग़ज़ तुम्हारे पट्टे की रियाया ख़रीदेगी, उसकी क़ीमत रियासत हाज़ा के ख़ज़ाने में जमा होगी । ( १२ ) आसामियों की तलबी के लिए किसी अदालत रियासत हाज़ा से माक़ूल मियाद देकर तीन बार लिखे जाने पर भी यदि हुक्म की तामील न होगी, तो आसामियों को तलब करनेवाली अदालत को अधिकार