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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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३२४ प्रतापगढ़ राज्य का इतिहास होगा कि उनको परभारी तलब या गिरफ़्तार कर लेवे। (१३) जो क़ानून क़ायदे श्रीदरबार की आज्ञानुसार हाल में जारी हुए हैं या भविष्य में तमाम राज देवगढ़-प्रतापगढ़ के लिए बनाकर जारी किये आवेंगे, उनके मुताबिक़ तुमको अपने पट्टे में बखूबी अमल रखना होगा। (१४) तुमको अपने पट्टे की रियाया को आराम देने और इंसाफ़ करने के लिए अदालत और जेलखाने वगैरह का, रियासत हाज़ा के जारी किये हुए क़ानून के मुताबिक़, अच्छा इन्तज़ाम रखना होगा। (१५) अगर तुम अपने पट्टे की रियाया को हर सूरत आराम पहुंचाओगे और इन्साफ़ के साथ कार्यवाही करोगे तथा श्रीदरबार तुम्हारे चाल-चलन, व्यवहार और अच्छे इंतज़ाम से खुश होंगे, तो तुम्हारे अख़्ति- यार और भी बढ़ाये जा सकेंगे। (१६) जो नक्शेज़ात तुम्हारे यहां राजेश्री महक्मा खास से हमेशा भेजे जावेंगे, उनको सही-सही भरकर निश्चित समय पर महक्मा खास में भेजना होगा। (१७) विलायती, मकरानी, बलोची और अरब आदि क़ौम के लोगों को तुम अपने पट्टे में हरगिज़ नहीं रख सकोगे। अगर उनमें से कोई तुम्हारे पट्टे में गिरफ़्तार होकर सरहद पर भेजा जावेगा, तो उसका खर्चा तुमको देना होगा। (१८) मोघिये आदि जरायम पेशा क़ौमें, जो तुम्हारे पट्टे में हों, उनको मोघियों के क़ानून की मंशा के बमूजिब तुमको अपने पट्टे में आबाद करना होगा और इंतज़ाम भी रखना होगा। अगर तुम इंतज़ाम और आबाद न कर सकने की वजह से उनको श्रीदरबार की क़ायम की हुई आबादी में आबाद करने के लिए भेजोगे तो उसका खर्चा वगैरह तुमको देना होगा। (१९) जो संगीन वारदात तुम्हारे पट्टे में कहीं होगी, उसकी इत्तिला अविलम्ब राजेश्री महक्मा खास में तुमको देनी होगी तथा उसकी तहक़ी- क़ात ऐन वक़्त और मौक़े पर करके राजेश्री महक्मा खास को परिणाम