भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

पृष्ठ 470, कुल 534 में से

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परिशिष्ट ३६६ महारावत रायसिंह वि० सं० ई० स० १५६२ १५३५ रायसिंह की गद्दीनशीनी । ( १५६३ ) ( १५३६ ) उदयसिंह को लेकर धाय पन्ना का देवलिया जाना । ( १६०६ ) ( १५५२ ) रायसिंह का देहांत । महारावत विक्रमसिंह (वीका) ( १६०६ ) ( १५५२ ) विक्रमसिंह की गद्दीनशीनी । ( १६१० ) ( १५५३ ) विक्रमसिंह का मेवाड़ का परित्याग करना । १६१३ १५५७ विक्रमसिंह का कुंवर तेजसिंह को महाराणा उदयसिंह के साथ हाजीखां की सहायतार्थ भेजना । ( १६१७ ) ( १५६० ) विक्रमसिंह का देवलिया को राजधानी बनाना । ( १६१९ ) ( १५६२ ) विक्रमसिंह का बांसवाड़ा के स्वामी प्रतापसिंह की सहायतार्थ महारावल आसकर्ण (डूंगरपुर) से लड़ना । ( १६२० ) ( १५६३ ) विक्रमसिंह का देहांत । महारावत तेजसिंह १६२० ( १५६३ ) तेजसिंह की गद्दीनशीनी । १६२१ १५६४ दमाखेड़ी गांव का दानपत्र । १६३३ १५७६ हल्दीघाटी के युद्ध में महारावत का कांधल को महाराणा प्रतापसिंह (प्रथम) की सहायतार्थ भेजना । १६५० १५९३ तेजसिंह का देहांत ।

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