भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

पृष्ठ 482, कुल 534 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 482

परिशिष्ट ४११ महारावत सर रामसिंहजी वि० सं० ई० स० १९८५ १९२६ महारावतजी की गद्दीनशीनी १९८६ १९२६ राजपूताने कें एजेंट गर्वनर जनरल का प्रतापगढ़ जाकर गद्दीनशीनी का खरीता और ख़िलअत देना । १९८६ १९२६ महारावत का एफ़ू० सी० केवेन्टरी को दीवान नियत करना । १९८६ १९२६ महारावत की बहिन का सीतामऊ के ज्येष्ठ महाराज- कुमार के साथ विवाह होना । १९८६ १९३२ महारावत का डुमरांव में दूसरा विवाह होना । १९६० १९३३ महाराजकुंवरी इंद्रकुंवरी का जन्म । १९६१ १९३४ महारावत का ध्रांगधरा में तीसरा विवाह होना । १९६१ १९३५ जैन दिगम्बर समाज-द्वारा महारावत का अभिनंदन होना । १९६४ १९३७ अंगरेज़ सरकार का खिराज में कमी करना । १९६४ १९३७ महाराजकुमारी उर्मिलाकुंवरी का जन्म । १९६४ १९३८ महारावत को कें० सी० एसू० आई० का खिताब मिलना । १९६४ १९३८ महाराजकुमारी यशवंतकुंवरी का जन्म । १९६६ १९३६ महाराजकुमारी कुसुमकुंवरी और कुमुदकुंवरी का जन्म । १९६६ १९४० महाराजकुमार का जन्म

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ) · पृष्ठ 482, कुल 534 में से · BharatKosha