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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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४१० प्रतापगढ़ राज्य का इतिहास वि० सं० ई० स० १६६२ १९०५ महारावत का महाराजकुमार को राज्याधिकार सौंपना। १६६५ १९०८ महारावत के भंवर रामसिंह का जन्म। १६६५ १९०८ महाराजकुमार का काश्मीर जाना। १६६६ १९०६ महारावत की दूसरी राजकुमारी का विवाह सैलाना के राजकुमार दिलीपसिंह से होना। १६६७ १९१० महाराजकुमार का टेहरी में दूसरा विवाह होना। १६६८ १९११ महाराजकुमार मानसिंह की राजकुमारी मोहनकुंवरी का जन्म। १६६८ १९११ दिल्ली दरबार में महाराजकुमार का जाना और महारावत को के० सी० आई० ई० का खिताब मिलना। १६६६ १९१२ महारावत का अजमेर जाकर लॉर्ड हार्डिंज से मुलाक़ात करना। १६६६ १९१२ महाराजा का ध्रांगधरा में तृतीय विवाह होना। १६७१ १९१४ महारावत के शासन की रौप्य जयन्ती होना। १६७५ १९१८ महाराजकुमार मानसिंह का परलोकवास। १६७८ १९२१ महारावत का पारसी धनजी शाह को दीवान बनाना। १६८१ १९२४ महारावत के भंवर रामसिंह का सीकर में विवाह होना १६८१ १९२४ बीकानेर और ग्वालियर के महाराजाओं का प्रताप- गढ़ जाना। १६८१ १९२५ महारावत की प्रपौत्री देवेन्द्रकुंवरी का जन्म। १६८५ १९२६ महारावत का परलोकवास।