राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४२४ प्रतापगढ़ राज्य का इतिहास गंड (कालिंजर का राजा)—३६। गंभीरसिंह (ईडर का महाराजा)— २७५। गंभीरसिंह (सेलारपुरा का ठाकुर)— ३३८, ३७८। गंभीरसिंह (धमोतर के ठाकुर हमीरसिंह का भाई)—३६४। घ घनश्यामसिंहजी (मेजर, ध्रांगधरा का महाराज राणा)—३३७, ३५२। च चक्रायुध (कन्नौज का राजा)—१२। चग़तानख़ां (शाही अफ़सर)—१६८- ६६। चाचा (महाराणा खेता का दासीपुत्र)— ४७। चांदकुंवरी (युवराज्ञी)—३२६, ३३४, ३५०, ३५७। चारुमती (महाराणा राजसिंह की राणी) —१५८, १६१। चिनक़लीचख़ां (निज़ामुलमुल्क, आस- फ़जाह)—२२६, २३२, २३५-३६। चिमनकुंवरी (लूणावाड़ा के राणा फ़तह- सिंह की राणी)—२७५-६। चिमनलाल कोठारी (बांसवाड़े का काम- दार)—३०६। चिमनसिंह (कल्याणपुरा का ठाकुर)— ३६६। चिमनसिंह (झांतला का ठाकुर)—३६८। चिमनसिंह (अचलावदा का ठाकुर)— ३७०। चिमनसिंह (वरड़िया का स्वामी)— ३७१। चील मेहता (बनबीर का प्रधान)— ८८। चुन्नीलाल एम० शराफ़ (प्रतापगढ़ का दीवान)—३५४। चूंडा (महाराणा लाखा का पुत्र)—४६, ३७०। चैनराम (अग्रवाल)—२३। चोड़सिंह (गुहिल राजा)—४५। चंदनकुंवरी (महारावत सामन्तसिंह की पुत्री)—२७५। चंद्रदेव (गाहड़वाल)—३७। चंद्रधर गुलेरी (विद्वान्)—३४१। चंद्रप्रभसूरि (जैन विद्वान्)—३३। चंद्रभाण (कल्याणपुरा का ठाकुर)— ३६५। चंद्रभाण शाह (मंत्री)—२४२-४३, ३८३- ८४। चंद्रसिंह (आंबीरामा का ठाकुर)— ३६६। चंद्रसेन (जोधपुर का राव)—१३१। चंपाकुंवरी (महारावत जसवंतसिंह की राणी)—१३८, १४१, १३७।