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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

पृष्ठ 496, कुल 534 में से

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पृष्ठ 496

अनुक्रमणिका ४२५

छत्रसाल (बोड़ी साखथली का ठाकुर) —३७२। छबीलेराम (नागर ब्राह्मण, सूबेदार)— २२६।

जगतसिंह (पहला, मेवाड़ का महाराणा) —१२३, १२७, १३०-३२, १३४, १३६, १४१, १४४-४५, १४७, १६१, ३६२। जगतसिंह (दूसरा, मेवाड़ का महाराणा) —२३१, २३३, २३८, २४०, २४७। जगतसिंह (कानोड़ का रावत)—२४६, २४६। जगतसिंह (अचलावदा का ठाकुर)—३७०। जगतसिंह (बरंड़िया का स्वामी)—३७१। जगतसिंह (जाजली का ठाकुर)—३७३। जगन्नाथ शास्त्री (विद्वान्)—२४, ५८, ६०, १३६, १४५, १७०, १७४, ३४६। जगन्नाथसिंह (नागदी का स्वामी)— १२४, ३७६। जगमाल (बांसवाड़े का महारावल)— ४६, ८८, ६८।... जगमाल (सिरोही का राव)—७०। जगमाल (वाघावत)—१२६। जग्गा (महारावत सूरजमल का पुत्र)— ७२-३। जग्गू बापू (सिंधिया का सेनापति)— २६०। ५४


जड़ावकूंवरी (महारावत सूरजमल की राणी)—७२। जड़ावचंद (शाह, मंत्री)—२६६। जनकूजी (सिंधिया)—६३। ज़मानाबेग—देखो महावतख़ां। ज़फ़रख़ां (मांडू के सुलतान का सेनापति) —५४, ५७-८, ६२। जयआपा (सिंधिया, ग्वालियर का महा- राजा)—६३, २२१,। जयदेव (मेहता, कवि)—१६६, १७०, १७२-७४, १६१-६२। जयमल (महाराणा रायमल का पुत्र)— ५६, ५८-६, ६०-२। जयमल (मेड़तिया)—६४। जयसिंह (सिद्धराज, गुजरात का सोलंकी राजा)—३७-८, ४५। जयसिंह (चतुर्थ, मालवे का परमार राजा)—३८। जयसिंह (सवाई, जयपुर का महाराजा) —६३, १८६-८८, २०१-४, २०८, २२२-२३, २२६-३०, २३२-३६, २४०-४१, २४५। जयसिंह (शक्तावत, पीपलियावालों का पूर्वज)—२३४-३५। जयसिंह (खेतड़ी का राजा)—३२६, ३३३, ३४१। जयसिंह (मेवाड़ का महाराणा)—१७६- ८०, १८२-३। जयसिंह (बांसवाड़े का महारावत)— ६८। जलालूद्दीन फ़ीरोज़शाह (ख़िलजी, मालवे का सुलतान)—४०।

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