रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)
Ramayana Mimamsa of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें: No, look at: "बहिनिर्गम्यः" vs "बहिर्निर्गत्य": Letter 1: ब Letter 2: हि Letter 3: र्नि Letter 4: ग Letter 5: म्य (or त्य?) Letter 6: ः (visarga) Wait, let's look at it without guessing: It looks like: "बहिनिर्गम्यः" or "बहिर्निर्गम्य:" or "बहिर्निर्गत्य:". Actually, look at the glyphs: ब - हि - र्नि - ग - म्य - ः Yes, "बहिनिर्गम्यः". And then: "पुष्पाञ्जलि दत्त्वा सपरिवाराय" - notice "पुष्पाञ्जलि" has no anusvara, just 'पुष्पाञ्जलि'.
Line 18: "भगवते धूपदीपादीनुपचारान् कल्पयेत् । इत्यावरणपूजा ।"
Line 19: “वामे कोदण्डदण्डं निजकरकमले दक्षिणे बाणमेकं
Line 20: पश्चाद्भागे च नित्यं दधतमभिमतं सासितूणीरभारम् ।
Line 21: वामेऽवामे लसद्भ्यां सह मिलिततनुं जानकीलक्ष्मणाभ्यां
Line 22: श्यामं रामं भजेऽह