रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)
Ramayana Mimamsa of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १३ ) श्यामदेश के रामकियेन की विस्तृत रामकथा ३३९ ब्रह्मदेश का रामकथासाहित्य ३६९ पाश्चात्य वृत्तान्त— ३६९ पाश्चात्य यात्रियों तथा मिशनरियों की भारतसम्बन्धी रचनाओं में रामकथा ३६९ रसियन भाषा में रामकथा ३७२ त्रयोदश अध्याय बालकाण्ड ३७३-४५५ देवताओं द्वारा विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना ३७३ दशरथ-वंशावली ३७४ दशरथ के पूर्वजन्म की चर्चा ३७५ दशरथ-विवाह ३७५ दशरथ की सन्तति ३७८ शान्ता दशरथ की औरसी पुत्री, रोमपाद की दत्ता पुत्री ३७९ अहल्योद्धार ३८३ अहल्या की स्थिति ३९२ गौतम द्वारा इन्द्र को प्रदत्त शाप के कई रूप ३९३ अहल्या की क्षमा प्रार्थना ३९९ गौतम का अहल्या को शाप देना तथा अहल्या की प्रार्थना पर शाप के अन्त का विधान ३९९ राम-परशुराम-संवाद ४०४ वैष्णव तेज, का परशुराम-देह से निकलकर राममुख में प्रवेश ४०७ अवतारवाद ४०८ अवतारवाद का विकास ४१० प्रामाणिक वाल्मीकिरामायण में नारद का उल्लेख नहीं था—बुल्के का विभ्रम ४२८ राम का बालचरित ४२९ भुशुण्डि-चरित ४३२ राम के प्रारम्भिक कृत्य ४३३ राम-सीताविवाह ४३७ विवाहोत्सव ४४१ विवाहकालिक राम की अवस्था ४४१ सीता का पूर्वराग ४४२ अयोनिजा सीता ४४४ पद्मजा सीता ४५२ रक्तजा सीता ४५३