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झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)

Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography

वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा

DevanagariHindipublished526 पृष्ठ

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४० झांसी की रानी झासी के मिहमान मोरोपन्त को कन्या सहित अपने साथ लिवा ले जाना चाहते थे । लेकिन यह ठीक न समझकर मोरोपन्त उन लोगो के साथ नही गये । अपने सुभीते के लिये उन्होने कुछ समय उपरात झासी आने का सकल्प प्रकट किया । विवाह का मुहूर्त निश्चित करके मिहमान झासी चले गये । बाजीराव ने बाला गुरू के अखाडे वाले तात्या को झासी में मोरोपन्त के लिये निवास-स्थान इत्यादि की उचित व्यवस्था के लिये उन लोगो के साथ भेजा । यह ब्राह्मण था । आगे चलकर इतिहास में यही युवा तात्या टोपे के नाम से प्रसिद्ध हुआ ।