झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई (१८५७ स्वातन्त्र्य समर की अमर वीरांगना शौर्य इतिहास)
Rani Lakshmibai of Jhansi Historical Biography
वृन्दावनलाल वर्मा / ऐतिहासिक शोध द्वारा
लक्ष्मीबाई ५११ ( २२ ) रानी घोडे की अद्भुत पहिचान रखती थी । एक बार एक सौदागर दो घोडे लाया । दोनो का दाम एक एक हज़ार बतलाया । रानी ने जल्दी जाच कर ली । जाच पडताल करने के वाद एक का दाम उन्होने एक हज़ार रुपये कूता और दूसरे का पचास रुपया । दोनो घोडे एक से थे । देखने वाले दङ्ग रह गये । सौदागर तो अपने घोडो को जानता ही था, परन्तु उसने कुतूहल शान्ति के लिये रानी से प्रश्न किया । 'इस घोडे का दाम एक हज़ार और दूसरे का पचास क्यों, श्रीमन्त ?' उत्तर मिला, 'जिसके दाम पचास रुपये बतलाये हैं उसकी छाती के भीतर एक पुरानी चोट है ।' सौदागर ने स्वीकार किया । ( २३ ) दामोदरराव को रामचन्द्र देशमुख ग्वालियर से लेजाकर कुछ दिनों जंगलो में छिपाये रहा । जब रानी विक्टोरिया की क्षमा-घोषणा होगई तब देशमुख उसको लेकर इन्दौर में प्रकट होगया । दामोदरराव का देहान्त कुछ वर्ष हुये तब हुआ था और रामचन्द्र देशमुख का लगभग १८८५ में । में दामोदरराव से मिला हू और वातचीत भी की है । ( २४ ) रानी लक्ष्मीबाई के भाई की प्रपोत्री श्रीमती शेवडे नागपूर में हैं । वे कर्वे यूनिवर्सिटी की ग्रेजुयेट हैं । उन्होने इस उपन्यास का अनुवाद मराठी में किया है ।
मयूर-प्रकाशन, झाँसी ∷ ∷ श्री वृन्दावनलाल वर्मा-साहित्य के एकमात्र प्रकाशक ∷ ∷ हमारे प्रकाशन झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ६) मुसाहिबजू .... १॥) मृगनयनी ... ५) लगन ... १।) कचनार ... ४॥) अमरबेल ... ५) प्रेम की भेंट ... १।) टूटे कांटे ... ४।) सोना ... ३) अचल मेरा कोई ... ३॥।) सामाजिक नाटक अहिल्याबाई ... २।) राखी की लाज ... १।) ऐतिहासिक नाटक खिलौने की खोज ... १।) झाँसी की रानी ... २) बांस की फांस ... १) हंस-मयूर ... २।) नीलकंठ .... १।) पूर्व की ओर .... २।) सगुन ... ।।।) बीरबल ... १।) पीले हाथ ... ।।।) जहांदारशाह ... ।।।) मंगलसूत्र ... १) फूलों की बोली ... १।) निस्तार ... १) ललितविक्रम ... १॥।) एकांकी— तोषी ... ।।।) काश्मीर का कांटा ... १) कहानी— लो, भाई पचो लो ... ।।।) शरणागत ... १।) कनेर ... १) कलाकार का दंड ... १।) —: अन्य लेखकों की कृतियां :— कथा काव्य इतिहास क़ब्रों की दुनियां में १॥।) चले चलो ।।।) अगस्त ब्यालीस ५) नई कहानियां १॥) सरसी २) महाप्रयाण २॥) नारी जीवन चक्र १॥) विश्व भारती १॥) रजाकार पतन १॥) रेखायें १।) साहित्य और समाज १) प्राणदण्ड ५)
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