रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
पृष्ठ 126, कुल 362 में से
संदर्भ में पढ़ें३६ रसरत्नसमुच्चये—
अधिकतर पारदीय खनिज मिलते हैं । पारद के खनिज निकालने के लिये यहां अनेक कूप खने गये हैं, जिनकी गहराई ५० से २४० फीट तक है ।
पापुआ ( Papua ) इस देश में भी पारद के खनिज पाए जाते हैं। किन्तु अभी तक पारद निकालने का काम प्रारम्भ नहीं हुआ है इसलिये यहां के खनिजों का व्यवहारिक मूल्य का पता नहीं लग सकता है ।
न्यूज़ीलैण्ड ( New Zealand ) इस देश में सोना, चांदी, माक्षिक आदि खनिजों के साथ अनेक स्थानों में पारदीय खनिज पाये जाते हैं । सन् १९१७ से १९२० ई० तक ५०० फ्लास्क पारद पुही पुही (Puhi Puhi) नामक स्थान से निकाला गया था । इस देश के एक स्थान पर उष्ण-स्रोत में हिंगुल प्राकृतिक गन्धक के साथ अन्य खनिजों के सहयोग में पाया जाता है ।
अल्वेनिया ( Albania ) यह विदित हुआ है कि इस देश में भी पारद के खनिज हिंगुल और प्राकृतिक पारद पाये जाते हैं । किन्तु ब्योरा अभी तक मालूम नहीं हो सका है ।
जोकोस्लोवेकिया ( Czechoslovakia ) इसके दो तीन प्रान्तों में हिङ्गुल, पारद-मिश्रक (Amalgam) माक्षिक, स्फटिक आदि के साथ पाया जाता है । खड़िया के रूपान्तरित स्लेट और लावा के तर ( Sheet ) के बीच में हिगुल, गेलेना और यशद भी पाये जाते हैं ।
फ्रान्स और कार्सिका ( France and corsica ) इस देश के अनेक प्रान्तों में हिङ्गुल और प्राकृतिक पारद चूने ( calcite ) की भूमि में माक्षिक, स्फटिक, यशद, खर्पर ( Calarmine ), गेलेना ( Galena ) पारदीय मिश्रक ( Amalgam ), एन्टिमनि, गन्धक, आर्सेनिक, प्लेटिनम् ( Plati-num ) आदि के साथ पाया जाता है । इस में प्लेटिनम् का अल्पांश ही मिलता है ।
जर्मनी ( Germany ) जर्मनी में पारद के खनिज अधिक नहीं प्राप्त होते हैं । जितने भी अब तक प्राप्त हुए थे वे सब काम में आगये हैं । तथापि किसी किसी स्थान विशेष पर अनेक अन्य खनिजों के साथ धागे की शकल के तार से हिङ्गुल के रेशे पाये जाते हैं । एक स्थान पर फोसिल मछियों में भी हिङ्गुल जमा हुआ पाया गया है ।
इस के अतिरिक्त प्राकृतिक पारद, रजत मिश्रक ( silver amalgam ), केलोमल ( रसपुष्प ), मेटे सिन्नावार ( कृष्ण हिङ्गुल ), मर्क्युरियल फेहलोर ( Mercurial Fehlore ताम्र मिश्रक ) भ. पाये जाते हैं । इन के साथ साथ माक्षिक, रक्त और पीत गैरिक, साइडराइट ( Siderite ), सुरमा ( Gelena ), टेट्रा हीड-