रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
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| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| शोधनम् | १३१ | माणिक्यम् | १३६ |
| अग्निजारनिरूपणम् | ,, | द्विविधमाणिक्यनिर्देशः | ,, |
| अग्निजारपरिचयः | ,, | श्रेष्ठमाणिक्यलक्षणम् | ,, |
| गुणाः | ,, | श्रेष्ठनीलमाणिक्यलक्षणम् | ,, |
| तस्य स्वभावतः शुद्धत्वनिर्देशः | ,, | निकृष्टमाणिक्यलक्षणम् | १३७ |
| गिरिसिन्दूरनिरूपणम् | १३२ | माणिक्यगुणाः | ,, |
| गिरिसिन्दूरगुणाः | ,, | मौक्तिकनिरूपणम् | ,, |
| हिङ्गुलनिरूपणम् | ,, | प्रशस्तमौक्तिकलक्षणम् | ,, |
| हिङ्गुलभेदाः | ,, | मौक्तिकशुक्त्योर्गुणाः | ,, |
| शुकतुण्डकस्य परिचयः | ,, | हेममौक्तिकम् | १३८ |
| हंसपादलक्षणम् | ,, | मौक्तिकगुणान्तरम् | ,, |
| हिङ्गुलगुणाः | ,, | प्रवालनिरूपणम् | ,, |
| शोधनम् | १३३ | ग्राह्यप्रवालस्वरूपः | ,, |
| हिङ्गुलसत्त्वाकर्षणविधिः | ,, | हेयप्रवालस्वरूपम् | ,, |
| मृद्दारशृङ्गम् | ,, | प्रवालगुणाः | १३९ |
| परिचयः | ,, | तार्क्ष्यम् | ,, |
| गुणाः | ,, | प्रशस्ततार्क्ष्यलक्षणम् | ,, |
| साधारणशोधननिर्देशः | १३४ | अप्रशस्ततार्क्ष्यलक्षणम् | ,, |
| सत्त्वानां सामान्यशोधनम् | ,, | तार्क्ष्यगुणाः | ,, |
| चतुर्थोऽध्यायः । | पुष्परागः | ,, | |
| रत्ननिरूपणम् | १३५ | श्रेष्ठपुष्परागलक्षणम् | ,, |
| मणयः | ,, | हेयपुष्परागलक्षणम् | १४० |
| मणीनां नामानि | ,, | पुष्परागगुणाः | ,, |
| श्रेष्ठमणीनां नामानि | ,, | वज्रम् | ,, |
| ग्रहप्रसादकरत्नानि | ,, | वज्रभेदाः | ,, |
| ग्रहानुसारेण रत्नपरिगणनम् | १३६ | पुंवज्रलक्षणम् | ,, |
| रत्नप्रयोगविषयः | ,, | स्त्रीनपुंसकवज्रयोर्लक्षणानि | ,, |