रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
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| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| वातज्वरलक्षणम् | ३३७ | चातुर्थिकगजाङ्कुशरसः | ३६८ |
| पित्तज्वरलक्षणम् | ३३८ | मृत्युञ्जयरसः | ३६९ |
| कफज्वरलक्षणम् | ,, | पञ्चवक्त्ररसः | ,, |
| द्विदोषजत्रिदोषजज्वरकथनम् | ३३९ | उन्मत्तरसः | ३७० |
| त्रैलोक्यसुन्दररसः | ३४० | सन्निपाताञ्जनरसः | ,, |
| त्रैलोक्यडम्बररसः | ३४१ | नस्यम् | ३७१ |
| मेघनादरसः | ३४३ | प्रतापलङ्केश्वररसः | ,, |
| ज्वरगजहरिरसः | ,, | प्राणेश्वररसः | ३७३ |
| दीपिकारसः | ३४४ | मृतसञ्जीवनरसः | ३७४ |
| शीतभञ्जीरसः | ३४५ | द्वितीयमृतसञ्जीवनरसः | ३७५ |
| प्रकारान्तरेण शीतभञ्जीरसः | ३४६ | सन्निपातकुठाररसः | ३७६ |
| मृतजीवनरसः | ३४७ | नवज्वरारिरसः | ३७७ |
| वृद्धज्वराङ्कुशरसः | ३४९ | जलमञ्जरीरसः | ३७८ |
| महाज्वराङ्कुशरसः | ,, | कान्तरसः | ३७९ |
| मृत्युञ्जयरसः | ३५१ | चन्द्रोदयरसः | ,, |
| सर्व्वज्वरादिरसः | ,, | जीर्णज्वरारिरसः | ३८० |
| चन्द्रसूर्यरसः | ३५२ | नवज्वरमुरारिरसः | ३८१ |
| विषप्रयोगायोग्यनिर्देशः | ३५३ | त्रयोदशोऽध्यायः। | |
| उमाप्रसादनोरसः | ३५४ | रक्तपित्तम् | ३८४ |
| ज्वराङ्कुशरसः | ३५५ | रक्तपित्ताङ्कुशरसः | ३८५ |
| सर्वाङ्गसुन्दरचिन्तामणिरसः | ३५६ | चन्द्रकलारसः | ३८६ |
| लोकनाथगुटिका | ३५७ | पटोलादियोगः | ३८८ |
| सूचिकाभरणरसः | ३५९ | रसेन्द्रयोगः | ३८९ |
| शार्ङ्गष्टादिवर्गः | ३६४ | अन्यश्च | ,, |
| सूचीमुखरसः | ३६५ | नवनीतादियोगः | ,, |
| सन्निपातगजाङ्कुशरसः | ३६६ | शिरोलेपः | ,, |
| चातुर्थिकहरो रसः | ३६७ | द्राक्षादिक्वाथः | ३९० |
३ र० स०