रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
पृष्ठ 36, कुल 362 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 36
[ १८ ]
| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| योगद्वयम् | ३९० | कज्जलयोगः | ४०७ |
| सितामृता | ,, | शिलापूतरसः | ,, |
| कासः | ,, | मन्थानभैरवरसः | ४०९ |
| कासनाशनरसः | ३९१ | विश्वादिवटिका | ४१० |
| कासहररसः | ,, | सामान्योपचाराः | ४११ |
| रक्तकाण्डरसः | ३९२ | तत्र रास्नादिक्षीरम् | ,, |
| भूताङ्कुशरसः | ३९३ | हिक्काघ्नधूमः | ,, |
| बोलबद्धरसः | ३९४ | गन्धपाषाणयोगः कफेभेषजविशेषनिर्देशश्च | ४१२ |
| अग्निरसः | ३९५ | स्वरभङ्गः | ,, |
| स्वयमग्निरसः | ,, | पर्पटीरसः | ४१३ |
| सामान्योपायाः | ३९६ | कफरोगे क्रियासूत्रम् | ४१७ |
| भृङ्गराजयोगः | ,, | चतुर्दशोऽध्यायः । | |
| अर्कादियोगः | ,, | राजयक्ष्मा | ,, |
| कासघ्नधूमद्वयम् | ,, | कनकसुन्दररसः | ४१८ |
| क्षयकासान्तकयोगः | ३९८ | राजमृगाङ्करसः | ४२१ |
| श्वासः | ,, | शङ्खेश्वररसः | ,, |
| ऊर्ध्वश्वासादिः | ३९९ | मृगाङ्कपोट्टलीरसः | ४२२ |
| सूर्यावर्तरसः | ,, | मृगाङ्कपोट्टलीरसः | ४२३ |
| श्वासान्तकरसः | ४०० | यक्ष्मणि औषधविशेषसेवनोपदेशः | ,, |
| श्वासारिवटकः | ४०१ | पञ्चामृतरसः | ४२४ |
| सप्तामृतावटी | ,, | जयन्तीप्रयोगः | ,, |
| नीलकण्ठरसः | ४०२ | क्षयशामकरसः | ,, |
| श्वासकासकरिकेसरी रसः | ४०३ | लोकनाथरसः | ४२५ |
| सूर्यरसः | ४०४ | वैद्यनाथरसः | ४२८ |
| सामान्योपचाराः | ,, | लोकनाथरसः | ४२९ |
| हिक्का | ४०५ | ||
| हिक्कानाशनरसः | ४०७ |