रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
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| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| अग्निदाहे विषकल्पः | १०२३ | अपचीघ्नतैलाख्य विषकल्पः | १०२९ |
| वन्ध्यायां विषकल्पः | ,, | अपच्यादौ विषकल्पः | ,, |
| मूढगर्भे विषकल्पः | १०२४ | दुःसाध्यरोगे विषकल्पः | १०३० |
| बुद्धिवर्द्धने विषकल्पः | ,, | रसायने विषकल्पः | ,, |
| तिमिरे विषकल्पः | ,, | जयागुटिकाख्यो विषकल्पः | १०३१ |
| तिमिरे द्वितीयो विषकल्पः | ,, | तत्तद्रोगेषु विषकल्पः | ,, |
| तिमिरे तृतीयो विषकल्पः | ,, | रसायने विषकल्पः | १०३३ |
| काचे विषकल्पः | १०२५ | वाजीकरणे विषकल्पः | ,, |
| द्वितीयो विषकल्पः | ,, | विषहरो योगः | १०३४ |
| तृतीयो विषकल्पः | ,, | आखुविषे विषकल्पः | ,, |
| शुक्रार्मजिद्विषकल्पः | ,, | सर्वविषे विषकल्पः | ,, |
| शुक्लादौ विषकल्पः | ,, | संज्ञासञ्जनने विषकल्पः | ,, |
| पिल्ले विषकल्पः | १०२६ | विषदाहे विषकल्पः | १०३५ |
| नक्तान्ध्ये विषकल्पः | ,, | मात्राऽमात्राभेदेन विषामृतयोर्गुणागुणौ | ,, |
| नक्तान्ध्ये अन्यविषकल्पः | ,, | सहसाविषसेवने अष्टौवेगाः | ,, |
| कर्णशूले विषकल्पः | १०२७ | विषसेवने संशोधनविधिः | ,, |
| शिरःशूले विषकल्पः | ,, | विषघ्नगणः | १०३६ |
| शिरःशूले द्वितीयो विषकल्पः | ,, | गव्यघृतस्य विषघ्नत्वोक्तिः | ,, |
| पूतिनस्ये विषकल्पः | ,, | विषस्य प्रयोगविधिः | ,, |
| मुखरोगे विषकल्पः | ,, | विषसेविनः पथ्यापथ्यविधिः | १०३७ |
| मुखरोगेऽन्यो विषकल्पः | ,, | प्रयोज्यविषाणि | ,, |
| पलितादौ विषकल्पः | १०२८ | तीक्ष्णविषातियुक्तविषयोश्चिकित्सा | १०३८ |
| खलतौ विषकल्पः | ,, | विषेमन्त्रादिक्रियावैफल्ये प्रतीकारः | ,, |
| दिग्धाहते विषकल्पः | ,, | सर्पदष्टे विषकल्पः | ,, |
| दुष्टव्रणे विषकल्पः | ,, | ||
| अपच्यां कृतमालादिघृताख्यो विषकल्पः | १०२९ |