रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
DevanagariHindipublished362 पृष्ठ
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एकोनत्रिंशोऽध्यायः ।
| विषयाः | पृष्ठाङ्काः | विषयाः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|
| विषकल्पः | १००६ | जीर्णज्वरे विषकल्पः | १०१६ |
| विषोत्पत्तिस्तद्भेदाश्च | ,, | जीर्णज्वरादौ विषकल्पः | ,, |
| स्थावरविषाणां जातिभेदाः | ,, | विषमज्वरे विषकल्पः | ,, |
| कन्दविषाणां नामानि | १००८ | रक्तपित्ते विषकल्पः | ,, |
| कर्कटादिकन्दविषाणां लक्षणम् | ,, | श्वासकासे विषकल्पः | ,, |
| श्वेतादिवर्णभेदेन विषाणां जातिभेदः | ,, | श्वासहिक्कयोर्विषकल्पः | १०१७ |
| वर्णभेदेन विषाणां क्रियाभेदः | १००९ | छर्द्यां विषकल्पः | ,, |
| विषामृतयोः तुल्ययोनित्वनिर्देशः | ,, | क्षये विषकल्पः | ,, |
| रसायनार्थं विषप्रयोगे विधिः | ,, | ग्रहण्यां विषकल्पः | ,, |
| विषप्रयोगार्हपुरुषकालयोर्निर्देशः | १०१० | मूत्रकृच्छ्रे विषकल्पः | १०१८ |
| विषे निषिद्धद्रव्याणि | ,, | उदावर्त्ताश्मर्योः विषकल्पः | ,, |
| अवस्थाविशेषे विषस्यापकारत्वनिर्देशः | ,, | अश्मर्यां विषकल्पः | ,, |
| विषविद्रावणघृतम् | १०११ | गुल्मे विषकल्पः | ,, |
| चित्रारितैलम् | ,, | शूले विषकल्पः | ,, |
| सूर्यप्रभावर्त्तिः | १०१२ | गुल्मप्लीह्नोः विषकल्पः | ,, |
| विषादिगुटिका | १०१३ | प्लीह्नि विषकल्पः | १०१९ |
| जयागुटी | ,, | कुष्ठे विषकल्पः | ,, |
| द्वितीया जयागुटी | ,, | अन्यो विषकल्पः | ,, |
| तृतीया जयागुटी | १०१४ | कुष्ठघ्नो लेपः | ,, |
| विषस्य मात्रानिर्देशः | ,, | विचर्चिकादौ विषकल्पः | ,, |
| प्रयोगकालभेदेन विषस्यक्रियाविशेषः | ,, | विचर्चिकादौ विषकल्पः | १०२० |
| विषशोधनप्रयोगः | १०१५ | कुष्ठे विषकल्पः | ,, |
| नवज्वरे विषकल्पः | ,, | विषतैलम् | ,, |
| कुष्ठहरतैलम् | १०२१ | ||
| कुष्ठादौ चन्दनादितैलम् | ,, | ||
| श्वित्रादौ विषकल्पः | १०२२ | ||
| अन्योयोगः | ,, | ||
| वाते विषकल्पः | १०२३ |