भारतकोश
रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा

स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)

DevanagariHindipublished362 पृष्ठ

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यथा—

उपर्यधस्तनस्थाल्यां क्षिपेदन्यामधोमुखीम् । स्थालिकां चिपटीभूततलान्तर्लिप्तपारदाम् ॥ १ ॥ क्षिप्त्वा तां पङ्किले गर्ते ज्वालयेन् मूर्ध्नि पावकम् । अधःपातनयन्त्रं हि तदेतत् परिकीर्तितम् ॥ २ ॥