भारतकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

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३१४ रसार्णवे वज्रं द्वन्द्दनमौशानि¹ वज्रेण रसमारणम्² । सबीजं मारणं प्रोक्तं³ खोटबन्धनमेव च⁴ ॥ १७३ ॥ तन्ममाचक्ष्व देवेशि किमन्यच्छ्रोतुमिच्छसि⁵ ॥ १७४ ॥ इति श्रीपार्वतीपरमेश्वरसंवादे⁶ रसार्णवे रससंहितायां वज्रबन्धो नाम⁷ चतुर्दशः पटलः ॥ १४ ॥

(1) वज्रद्वन्द्दनसौशानि, a variant in B. वज्रद्वन्द्वसमीशानि, a variant in My. D wants this charaṇa and the next. (2) K has वज्रेण सह मारणं. (3) सबीजमारखं प्रोक्तं, a variant in B and My. वज्ररस- मारणं प्रोक्तं, a variant in D. (4) D has सबीजं खोटबंधनम्. My has खोटत्वं धनमेव च. (5) किमन्यच्छ्रोतुमर्हसि, a variant in K. (6) This portion is not found in B and My. D and K read गौरीशंकरसंवादे. (7) B has वज्रबंधयोगो नाम.

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