रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)
Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary
शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें: B. reads -चतुर्थंशा. or B. reads -चतुर्थंशा.? Wait, look at footnote 1: in B. has dot. In 4: B. reads has a dot!)
Then:
(5) D
reads संधाता, which is incorrect. (6) D has सप्ताहात् परिचोदयेत्. K
has सप्ताहादुपरि योजयेत्. (7) क्रियमाणे जायते तत्, a variant in D.
निषेक क्रियमाणे तु, a variant in K. Both the readings are incorrect. (8)
D reads शुल्बं शोधनं परम्, which mars the metre. (9) B reads तालः.
D reads तं तु. K wants this term. (10) वापयित्वा त्रिक्ष यावत्,
a variant in D. K reads खपयोलांधमूषायां, which is incorrect. (11)
D has तावद्वत्सन तत् पुनः, which is incorrect. K has त्रिधा संवर्त्तयेत् पुनः.
(12) शुक्लवर्गसुधाक्षार, a variant in B. शुक्लं वर्णं त्रिधा चौनं, a variant in D.
शुक्लवर्गणिधाक्षारं, a variant in K. (13) B reads कंबुश्च. D reads
`दन्