भारतकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

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३६ रसार्णवे इति श्रीपार्व्वतोपरमेश्वरसंवादे¹ रसार्णवे² रससंहितायां यन्त्रमूषाग्निवर्णनो³ नाम चतुर्थः पटलः ॥४॥ पञ्चमः पटलः । श्रीदेव्युवाच ।¹ नियमनादिकं² कर्म्म क्रामणान्तं सुरेश्वर । यया सम्पद्यते ह्येषामोषधीं³ वक्तुमर्हसि ॥ १ ॥ श्रीभैरव उवाच ।⁴ (1) This is wanting in B and M. (2) This is wanting in M. (3) B reads यन्त्रमूषाग्निवर्णनं नाम. M reads only मूषाग्निवर्णनम् and omits the term यन्त्र. (1) M reads only देवी. (2) B and M read here नियमकादिकं ; but they have stated नियमनादिकं in the 2nd Paṭala. K reads here निया- मकादिकं but he has stated नियमनादिक in the 2nd Paṭala. (Vide Paṭala II. text 109.) (3) B reads मोषधी. K reads मौषधिः. [यया इत्यत्र जातिवाचकत्वादेकवचनम् ।] (4) M reads only भैरवः.

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