रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)
Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary
सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविषय सूची
विषय | पृष्ठ | विषय | पृष्ठ प्रथम तरङ्ग | | अपर अम्ल पञ्चक | १४ मङ्गलाचरणम् | १ | पञ्चतिक्त | ” अहङ्कार परिहार | २ | पञ्चमृत्तिका | ” अनुबन्ध चतुष्टय | ३ | मधुरत्रिक | ” पुस्तक परिचय | ३ | पञ्चामृत | १५ रसवैद्य प्रशंसा | ४ | पञ्चगव्य | ” रसशाला | ५ | क्षीरत्रय | ” रसशाला में कर्मविभाग | ६ | दुग्धवर्ग | ” रसशाला के लिए उपकरण द्रव्य | ६ | तैल वर्ग | १६ परिचारक लक्षण | ८ | कज्जली का स्वरूप | १६ रससिद्ध आचार्यों का नाम | ६ | रसपङ्क ” ” | ” रसशास्त्र के आचार्य का स्वरूप | ६ | पिष्टिका ” ” | ” शिष्य का स्वरूप | १० | हिङ्गुलाकृष्ट रस | ” अनधिकारी शिष्य | १० | धातु सत्त्व लक्षण | १७ द्वितीय तरङ्ग | | वनौषधि सत्त्व ,, | ,, परिभाषा ज्ञान का फल | १२ | सिक्थ तैल ” | ,, परिभाषा लक्षण | ११ | द्रावक गण | १८ लवण पञ्चक | ११ | ढालन | ,, लवणत्रय | ११ | मित्रपञ्चक | ,, सैन्धव की प्रधानता | १२ | आवाप लक्षण | ,, क्षारद्वय, क्षारत्रय | ” | निर्वाप ” | १६ क्षार पञ्चक | ” | शुद्धावर्त लक्षण | ,, क्षाराष्टक | ” | पर्पटी स्वरूप | ,, मूत्राष्टक | ” | ताडन | २० गोर्वर | १३ | घोषाकृष्टताम्र | ,, अम्लवर्ग | १३ | वङ्कनाल | ,, अम्ल पञ्चक | १४ | स्वाङ्ग शीत लक्षण | ,,