भारतकोश
रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)

Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary

सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा

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[ २६ ] विषय पृष्ठ | विषय पृष्ठ मण्डूर मारण ५१७ | शोधन का फल ५३१ मण्डूर भस्म का गुण ५१७ | प्रथम शोधन ५३१ मण्डूर भस्म की मात्रा ५१८ | द्वितीय शोधन ५३२ मण्डूर भस्म का आमयिक प्रयोग ५१८ | तृतीय शोधन ५३२ | मारण ५३२ एकविंशतरंग | सामान्य मारण ५३३ सुवर्ण माक्षिक का नाम ५१६ | गुणादि निरूपण ५३३. ग्राह्य सुवर्णमाक्षिक ५२० | सत्व पातन ५३३ हेय सुवर्णमाक्षिक ५२० | तूतिये का नाम ५३३ स्वर्णमाक्षिक शोधन ५२० | ग्राह्य तूतिया ५३४ प्रथम शोधन ५२१ | शोधन ५३४ द्वितीय शोधन ५२१ | शुद्ध तूतिया का गुण ५३४ तृतीय शोधन ५२२ | तुत्थ द्रव का निर्माण ५३५ चतुर्थ शोधन ५२२ | आमयिक प्रयोग ५३५ प्रथम मारण ५२३ | तुत्थोदया वटी ५३६ द्वितीय मारण ५२३ | तुत्थकोदया वर्ति ५३६ तृतीय मारण ४२४ | तुत्थकादि वर्ति ५३७ स्वर्णमाक्षिक भस्म का गुण ५२४ | शिखिग्रीवादि वर्ति ५३७ स्वर्णमाक्षिक भस्म की मात्रा ५२५ | तुत्थामृत मलहर ५३८ आमयिक प्रयोग ५२६ | तुत्थकाद्य मलहर ५३६ स्वर्णमाक्षिक सत्व पातन ५२८ | शुद्ध तूतिया का प्रयोग ५३६ द्वितीय विधि ५२८ | अन्तः प्रयोगार्थ शोधन ५४० तृतीय विधि ५२८ | द्वितीय शोधन ५४० स्वर्ण माक्षिक सत्व मारण ५२६ | तृतीय शोधन ५४० स्वर्ण माक्षिक सत्व का गुण ५२६ | चतुर्थ शोधन ५४१ आमयिक प्रयोग ५२६ | तुत्थामृत वटी ५४१ रजत माक्षिक नाम ५३० | तुत्थक मारण ५४२ श्रेष्ठ रजत माक्षिकलक्षण ५३० | द्वितीय मारण ५४२ हेय रजतमाक्षिक लक्षण ५३१ | तृतीय मारण ५४३