रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)
Rasendra Sara Sangraha of Gopalakrishna with Commentary
गोपालकृष्ण भट्ट (टीकाकार: पं. रामप्रसाद वैद्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें, comma after रोगनाशक, no space before बुढापेको. * : "हरनेवाला और मृत्युको भी जीतनेवाला है इसलिये संपूर्ण औषधिकर्ममें" -> correct. * : "वज्राभ्रक ही लेना चाहिये ॥ १४५ ॥" -> correct. * : "अशुद्ध अभ्रकके दोष ।" -> correct. * : "अशुद्धाभ्रं निहन्त्यायुर्वर्द्धयेन्मारुतं कफम् ।" -> correct. * : "आहत्याच्छादयेद्गात्रं मंदाग्निकिमिवर्धनम् ॥१४६॥" -> look at "आहत्याच्छादयेद्गात्रं": आ ह त्या च्छा द ये द् गा त्रं. Yes. Look at "मंदाग्निकिमिवर्धनम्": म ं द ा ग ् न ि क ि म ि व र् ध न म्. Yes! And ॥१४६॥. * : "विना शोधन किया अभ्रक आयुको नष्ट करता है और वायुको" -> note in the original "करता है और वायुको" - wait, look at "करता है": is there space? Yes. * : "बढाता है, कफको मूर्छन कर शरीरको जकड देता है । एवं मंदाग्नि-" ->