ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)
Ribhu Gita of Shiva Rahasya Hindi
महर्षि ऋभु / महर्षि निदाघ द्वारा
स्रोत: Ribhu Gita Sanskrit Shlokas with Commentary (उद्गम)
DevanagariHindipublished249 पृष्ठ
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ब्रह्मेदं वितताकारं तद्ब्रह्माहं न संशयः ॥ ३१.५८॥
सूतः –
भवोद्भवमुखोद्भवं भवहराद्यहृद्यं भुवि
प्रकृष्टरसभावतः प्रथितबोधबुद्धं भव ।
भजन्ति भसिताङ्गका भरितमोदभारादरा
भुजङ्गवरभूषणं भुवनमध्यवृन्दावनम् ॥ ३१.५९॥
॥ इति श्रीशिवरहस्ये शङ्कराख्ये षष्ठांशे ऋभुनिदाघसंवादे महावाक्यार्थनिरूपणप्रकरणं नाम एकत्रिंशोऽध्यायः ॥