भारतकोश
ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

ऋभु गीता (शिव रहस्य - निदिध्यासन व अद्वैत बोध)

Ribhu Gita of Shiva Rahasya Hindi

महर्षि ऋभु / महर्षि निदाघ द्वारा

स्रोत: Ribhu Gita Sanskrit Shlokas with Commentary (उद्गम)

DevanagariHindipublished249 पृष्ठ

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मुमुक्षुत्वं च हीनात्मा शब्दात्मा दमनात्मकः । नित्योपरतरूपात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.१४॥

सर्वकालतितिक्षात्मा समाधानात्मनि स्थितः । शुद्धात्मा स्वात्मनि स्वात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.१५॥

अन्नकोशविहीनात्मा प्राणकोशविवर्जितः । मनःकोशविहीनात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.१६॥

विज्ञानकोशहीनात्मा आनन्दादिविवर्जितः । पञ्चकोशविहीनात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.१७॥

निर्विकल्पस्वरूपात्मा सविकल्पविवर्जितः । शब्दानुविद्धहीनात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.१८॥

स्थूलदेहविहीनात्मा सूक्ष्मदेहविवर्जितः । कारणादिविहीनात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.१९॥

दृश्यानुविद्धशून्यात्मा हृदिमध्यान्तवर्जितः । शान्ता समाधिशून्यात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२०॥

प्रज्ञानवाक्यहीनात्मा अहं ब्रह्मास्मिवर्जितः । तत्त्वमस्यादिवाक्यात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२१॥

अयमात्मेत्यभावात्मा सर्वात्मा वाक्यवर्जितः । ओंकारात्मा गुणात्मा च ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२२॥

जाग्रद्दीनस्वरूपात्मा स्वप्नावस्थाविवर्जितः । आनन्दरूपपूर्णात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२३॥

भूतात्मा च भविष्यात्मा ह्यक्षरात्मा चिदात्मकः । अनादिमध्यरूपात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२४॥

सर्वसंकल्पहीनात्मा स्वच्छचिन्मात्रमक्षयः । ज्ञातृज्ञेयादिहीनात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२५॥

एकात्मा एकहीनात्मा द्वैताद्वैतविवर्जितः । स्वयमात्मा स्वभावात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२६॥

तुर्यात्मा नित्यमात्मा च यत्किंचिदिदमात्मकः । भानात्मा मानहीनात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२७॥

वाचावधिरनेकात्मा वाच्यानन्दात्मनन्दकः । सर्वहीनात्मसर्वात्मा ह्यात्मनोऽन्यन्न किंचन ॥ १३.२८॥

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