ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 1037, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंबुद्धिमान् एवं शोधक अग्नि उषाओं के बीच जागते हैं. वे दो और चार पैरों वाले प्राणियों की पहचान, देवों में हव्य एवं शुभकर्म वाले यजमानों में धन धारण करते हैं. (१) स सुक्रतुर्यो वि दुरः पणीनां पुनानो अर्कं पुरुभोजसं नः. होता मन्द्रो विशां दमूनास्तिरस्तमो ददृशे राम्याणाम्.. (२) जिन अग्नि ने पणियों के गायों के रोकने वाले द्वार खोले थे, वे ही शोभनकर्मा हैं. उन्होंने हमारे लिए अधिक दुधारू गायों का पूज्य-समूह खोजा था. देवों के बुलाने वाले, प्रसन्नताकारक एवं शांत मन वाले अग्नि रात्रि एवं यजमानों का अंधकार दूर करते हैं. (२) अमूरः कविरदितिर्विवस्वान्त्सुसंसन्मित्रो अतिथिः शिवो नः. चित्रभानुरुषसां भात्यग्रेऽपां गर्भः प्रस्व१ आ विवेश.. (३) अमूढ़, प्राज्ञ, दीनतारहित, दीप्तिशाली, शोभनगृह वाले, मित्र अतिथि एवं हमारा कल्याण करने वाले अग्नि विचित्र प्रकाश वाले बनकर प्रातःकाल प्रकाशित होते हैं एवं जल के गर्भ के रूप में उत्पन्न होकर ओषधियों में प्रविष्ट होते हैं. (३) ईळेन्यो वो मनुषो युगेषु समनगा अशुचज्जातवेदाः. सुसन्दृशा भानुना यो विभाति प्रति गावः समिधानं बुधन्त.. (४) हे अग्नि! तुम यज्ञ के समय मनुष्यों द्वारा स्तुति के योग्य हो. जातवेद अग्नि युद्धों में सम्मिलित होकर चमकते हैं एवं किरणों द्वारा दर्शनयोग्य होते हैं. स्तुतियां प्रज्वलित अग्नि को जगाती हैं. (४) अग्ने याहि दूत्यं१ मा रिषण्यो देवाँ अच्छा ब्रह्मकृता गणेन. सरस्वतीं मरुतो अश्विनापो यक्षि देवान् रत्नधेयाय विश्वान्.. (५) हे अग्नि! तुम दूतकर्म करने के लिए देवों के समीप जाओ. स्तोताओं तथा उनके गणों की हिंसा मत करना. तुम हमें रत्न देने के लिए सरस्वती, मरुद्गण, अश्विनीकुमार, जल एवं अन्य देवों का यज्ञ करते हो. (५) त्वामग्ने समिधानो वसिष्ठो जरूथं हन्यक्षि राये पुरन्धिम्. पुरुणीथा जातवेदो जरस्व यूयं पात स्वस्तिभिः सदा नः.. (६) हे अग्नि! वसिष्ठ ऋषि तुम्हें प्रज्वलित करते हैं. तुम राक्षसों की हत्या करो. हे जातवेद! तुम विशाल स्तोत्रों से देवों की स्तुति करो एवं कल्याणसाधनों द्वारा हमारी रक्षा करो. (६) सूक्त—१० देवता—अग्नि उषो न जारः पृथु पाजो अश्रेद्विद्युतद्गीद्यच्छोशुचानः. ebook converter DEMO Watermarks*