भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 106, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 106

प्राप्ति, साथ जाना, सेवा, स्थूलयूप ऋषि, स्तुति, स्तुत्य, गान, अन्न-धन मांगना, यशस्वी २१-३० २४. इंद्र की स्तुति १-३० वज्रधारी, वृत्रहर, अश्वस्वामी, धन याचना, निर्बाध, धन हेतु प्रार्थना, आह्वान, आहूत, पूजनीय, नचाने वाले १-१२ अन्न, धन देना, व्यश्व ऋषि का पुत्र, स्तुत्य नहीं, अलंघनीय, बुलाना, स्तुत्य, दीप्तिशाली, वीरता के कर्म, पूजनीय १३-२२ दसवां प्राण, ज्ञान, कुत्स, धन याचना, पापत्राता, व्यश्व, परिजन, वरु, गोमती के किनारे वरु का वास २३-३० २५. मित्र, वरुण, अदिति, अश्विनीकुमार आदि का वर्णन १-२४ रक्षक, स्वामी, उत्पत्ति, यज्ञ प्रकाशन, धनदाता, अन्नदाता, सुशोभित, सत्ययुक्त, प्रेरक, वेगवान्, रक्षार्थ प्रार्थना, शोभनदाता १-११ धनदाता, आश्रय, दर्पनाशक, व्रताचरण, प्रकाश फैलाना, मित्र, पूर्ण करना १२-१९ धन स्वामी, स्तुति, राजा वरु, अश्व प्राप्ति २०-२४ २६. अश्विनीकुमार, इंद्र वायु आदि की स्तुति १-२५ आह्वान, सत्यरूप, अन्नयुक्त धनी, समर्थ, अभिलाषापूरक जलपालक १-६ अजेय, बुलाना, पणि, नेता, धन देने, कल्याण करने व सोमपानार्थ आह्वान ७-१५ दूत, श्वेतयावरी नदी, पोषक, निवासस्थान दाता, धन मांगना, शोभन गति वाले, आह्वान, अन्न, धन मांगना १६-२५ २७. विभिन्न देवों की स्तुति १-२२ स्थापना, निकट, तेज प्रसारक, शत्रुनाशक, बैठने की प्रार्थना, बुलाना, स्तुति, बाधा रहित घर मांगना १-९ शत्रुनाशक, स्तुति, काम में लगना, आह्वान, धनदाता, स्तुति, अन्न बढ़ना, रक्षक, गमन सरल बनाने की प्रार्थना १०-१८ घर याचना, धन धारण, धन मांगना १९-२२ २८. विभिन्न देवों की स्तुति १-५ ebook converter DEMO Watermarks*