भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 107, कुल 1855 में से

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धन याचना, बुलाना, रक्षार्थ प्रार्थना १-३ अक्षय अभिलाषाएं, सात दीप्तियां ४-५ २९. विभिन्न देवों का वर्णन १-१० गहने, स्थान पाना, कुल्हाड़ी, वज्र, एकाकी, मार्गरक्षक, तीन कदम १-७ सूर्या के साथ रहना, स्थान बनाना, दीप्तिशाली बनाना ८-१० ३०. विभिन्न देवों की स्तुति १-४ सभी देव महान्, स्तुति, राक्षसों से बचाने, सुख, गाय व घोड़ा देने की प्रार्थना १-४ ३१. यज्ञ का वर्णन १-१८ बार-बार बोलना, पाप से बचाना, रथ आना, अन्न पाना, सोमरस में गोदुग्ध, अन्न प्राप्ति, सेवा करना, सेवनीय आयु प्राप्ति, दान करना, सेवनीय १-११ पापरहित दान, रक्षक, धन हेतु स्तुति, देवकामी, जीतना, पुत्र प्राप्ति १२-१८ ३२. इंद्र की स्तुति १-३० वर्णन का आग्रह, सुविंद, अनर्शानि, पिप्रु आदि का वध, महान्, शत्रुनाशक, द्वार खोलना, अन्नदाता, प्रसन्नतादाता, धन की अधिकता, गाय, घोड़ा सोना व अन्न मांगना, रक्षार्थ आह्वान १-१० अन्नदाता, दानशील, शोभनव्रत, धनस्वामी, अनियंत्रित, देवऋण न रहना, स्तोत्र बनाने का आग्रह, स्तुत्य, सोमपान हेतु प्रार्थना, पास आने व धन देने की प्रार्थना, जल धाराएं गिराना, असुरवध ११-२६ शत्रुनाशक, यज्ञकर्म बताना, इंद्र को लाने की प्रार्थना, हरि नामक घोड़े २७-३० ३३. इंद्र की स्तुति १-१९ सेवा, स्तुति, अन्न याचना, रथ, शोभनकर्म, अभिलाषापूरक, शत्रुनगर-नाशक, भ्रमणकर्त्ता, पुकार सुनना, प्रसिद्ध, सोने का हंटर, हरि नामक अश्व, धनी, वृत्रहंता, स्तोम यज्ञ, प्रसन्न न होना, स्त्री पर शासन असंभव १-१७ रथ, स्त्री होना १८-१९ ३४. इंद्र की स्तुति १-१८ ebook converter DEMO Watermarks*