ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 108, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंशासक, सोमलता को कंपाना, आह्वान, दीप्त हवि वाले, विश्वरक्षक १-६ धनयुक्त, स्तुत्य, पंख ढोना, स्वाहा बोलना, उक्थ मंत्र, आह्वान, स्वर्ग जाने, गाएं, घोड़े तथा मनचाही वस्तुएं देने की प्रार्थना ७-१५ घोड़े लेना, तेजस्वी घोड़े, पारावत १६-१८ ३५. इंद्र की स्तुति १-२४ सोमपान, अन्न, स्तोत्र स्वीकार करने का आग्रह, सोमपान की प्रार्थना, बल, धन व संतान की याचना, अंगिरा, विष्णु आदि के साथ स्तोत्र सुनने का आग्रह, गायों-अश्वों को जीतने व राक्षसों के नाशार्थ स्तुति १-१८ श्यावाश्व, सोमपान हेतु आग्रह, रक्षार्थ बुलाना, रत्न याचना १९-२४ ३६. इंद्र की स्तुति १-७ रक्षक, सज्जनपालक, जनक, शत्रुजेता, घोड़े व गायों के जनक, अत्रिगोत्रीय ऋषि, श्यावाश्व, त्रसदस्यु १-७ ३७. इंद्र की स्तुति १-७ वृत्रहंता, रक्षार्थ व स्तुति सुनने हेतु प्रार्थना, स्वामी होना, बल देने का कारण, त्रसदस्यु रक्षक १-७ ३८. इंद्र व अग्नि की स्तुति १-१० ऋत्विज्, अजेय, सोमरस तैयार होना, यज्ञनेता, हव्य वहन, स्तुति स्वीकारने व सोमपान की प्रार्थना, शत्रुधन जेता, बुलाना, रक्षा हेतु प्रार्थना १-१० ३९. अग्नि का वर्णन १-१० स्तुति, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना, हवन, सुखकारी, प्रसिद्धि, रहस्य जानना, मांधता दूत, चारों ओर जल १-१० ४०. इंद्र व अग्नि की स्तुति १-१२ हराना, यज्ञ करना, युद्ध में रहना, धन धारण १-४ सागर ढकना, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना, आह्वान, धनभोग कामना, आह्वान, नदियों को खोलना, प्रेरक, जल जीतना ५-१० शुष्ण की संतान का वध, स्तुतियां बोलना ११-१२ ebook converter DEMO Watermarks*