ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 110, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंआह्वान, पुकार सुनने, गाय देने के लिए जागने की प्रार्थना, बलपति ११-२० अजेय, सोमरस देना, धन प्राप्ति, कद्रु ऋषि, अहन्वाय्य, स्तुति, प्रशंसा, मार्ग बनाना २१-३० सुख मांगना, प्रसिद्ध होना, शोभन प्रसिद्धियां, शूर, पापनाशी, बात कहना, एवार, धन देना, धन लाने की प्रार्थना ३१-४२ ४६. इंद्र, वायु एवं सोमरस की स्तुति १-३३ अश्वस्वामी, धनदाता, स्तुतिगान, मरुद्गण, यज्ञ पूरा होना, बढ़ना, धन मांगना, सेना, धन छीनना, आह्वान, वस्तुएं देना, आह्वान १-१२ आगे रहना, शत्रुजेता, अन्न, धन एवं पुत्रादि हेतु प्रार्थना, शत्रुरोधी, गुणगान, गिरना, दुर्बुद्धिनाशक, सहनशील १३-२० पृथुश्रवा, वश, रथ खींचना, कीर्ति मिलना, स्तुति, मिलना, अक्ष, नहुष आदि, अन्न भेजना, गो-प्राप्ति २१-२९ बैल का आना, पृथुश्रवा, गो व अश्व प्राप्ति, युवती को लाना ३०-३३ ४७. मित्र, वरुण, आदित्य एवं उषा की स्तुति १-१८ शोभन रक्षाएं, सुख व धन मांगना १-७ पाप रक्षार्थ प्रार्थना, माता अदिति, सेवनीय, शोभन मार्ग पर ले जाने, शोभनपुत्र देने, पापों से दूर रखने, कष्ट से बचाने हेतु प्रार्थना व बुरे स्थानों को दूर करने व बुरे सपनों से बचाने की देवों से प्रार्थना ८-१८ ४८. सोम की स्तुति १-१५ घूमना, धन वहन की प्रार्थना, अमर सोम, आयु बढ़ाने, व्यभिचार से बचाने व धनी बनाने की प्रार्थना, आयु बढ़ाने का आग्रह, शत्रु का जाना, सुख याचना, सखा सोम १-१० आयु बढ़ना, हृदय में प्रवेश, विस्तार करना, स्तुतियां बोलने व रक्षार्थ प्रार्थना ११-१५ ४९. अग्नि की स्तुति १-२० वरण, स्तुति, मननीय स्तोत्र, यजमान, रक्षक, पवित्र, पूजक रक्षार्थ प्रार्थना, शक्तिस्वामी, यजन १-१० ebook converter DEMO Watermarks*