भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 118, कुल 1855 में से

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२. सोम की स्तुति १-१० प्रवेशार्थ प्रार्थना, सर्वधारक, जल ढकना, जल का आना, शुद्ध होना, रोना व सुशोभित होना, याचना, मादक के गिरने की प्रार्थना, संतान व अन्न आदि के दाता १-१० ३. सोम का वर्णन १-१० कलश की ओर जाना, अजेय, सजाना, इच्छा, अभिलाषापूरक, जल में प्रवेश १-६ स्वर्ग जाना, पवमान, दशापवित्र, गिरना ७-१० ४. सोम की स्तुति १-१० सेवा का आग्रह, सौभाग्य याचना, कल्याण व मंगल की प्रार्थना, सूर्य देखने की कामना १-६ धन मांगना, बढ़ाना, सर्वत्र जाना ७-१० ५. सोम का वर्णन १-११ विराजमान होना, बढ़ना, सुशोभित होना, बल से जाना, चढ़ना, अभिलाषा, बुलाना १-७ आह्वान, त्वष्टा, संस्कार करने व देवों से सोम की ओर जाने की प्रार्थना ८-११ ६. सोम की स्तुति का वर्णन १-९ अभिलाषापूरक, घोड़े, अन्न व बल मांगना, अनुगमन, सेवा करना, मिलाने का आग्रह १-६ तृप्ति, यज्ञ की आत्मा, शब्द भरना ७-९ ७. सोम का वर्णन १-९ यज्ञमार्ग, नहाना, शब्द करना १-३ स्तुतियां जानना, प्रेरणा, स्तुतियां सुनना, देवों की प्राप्ति, मिलना, अन्न व धन याचना ४-९ ८. सोम का वर्णन १-९ बल बढ़ाना, स्थित होना, अभिलषित बनना, सेवा १-४