भारतकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1235, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 1235

रक्षा के लिए मैं उन्हीं इंद्र की स्तुति करता हूं. (९) हर्यश्वं सत्पतिं चर्षणीसहं स हि ष्मा यो अमन्दत. आ तु नः स वयति गव्यमश्व्यं स्तोतृभ्यो मघवा शतम्.. (१०) हरि नामक अश्वों के स्वामी, सज्जनों के पालक व शत्रुओं को दबाने वाले इंद्र की स्तुति वही व्यक्ति कर सकता है, जो प्रसन्न होता है. वे धनस्वामी इंद्र स्तोताओं के लिए सौ गाएं और घोड़े लाए थे. (१०) त्वया ह स्विद्युजा वयं प्रति श्वसन्तं वृषभ ब्रुवीमहि. संस्थे जनस्य गोमतः.. (११) हे वर्षा करने वाले इंद्र! हम तुम्हारी सहायता से गायों के कारण होने वाले संग्राम में ललकारने वाले शत्रुओं को जीतेंगे. (११) जयेम कारे पुरुहूत कारिणोऽभि तिष्ठेम दूढ्यः. नृभिर्वृत्रं हन्याम शूशुयाम चावेरिन्द्र प्र णो धियः.. (१२) हे बहुतों द्वारा बुलाए गए इंद्र! हम युद्ध में शत्रुओं को जीतेंगे एवं दुष्टबुद्धि लोगों को पराजित करेंगे. हम नेता मरुतों की सहायता से वृत्र को मारेंगे एवं यज्ञकर्मों में वृद्धि करेंगे. हे इंद्र! हमारे यज्ञकर्मों की रक्षा करो. (१२) अभ्रातृव्यो अना त्वमनापिरिन्द्र जनुषा सनादसि. युधेदापित्वमिच्छसे.. (१३) हे इंद्र! तुम अपने जन्मकाल से ही भाइयों से हीन, बिना नेता वाले एवं बांधवहीन हो. तुम जो मित्रता चाहते हो, उसे युद्ध द्वारा प्राप्त करते हो. (१३) नकी रेवन्तं सख्याय विन्दसे पीयन्ति ते सुराश्वः. यदा कृणोषि नदनं समूहस्यादित्पितेव हूयसे.. (१४) हे इंद्र! तुम केवल धनवान् व्यक्ति को ही अपनी मित्रता के लिए स्वीकार नहीं करते, इसका क्या कारण है? ऐसे लोग शराब पीते हैं एवं तुम्हारा विरोध करते हैं. जब तुम अपने स्तोता को संपत्ति देते हो, उस समय वह तुम्हें ऐसे पुकारता है, जैसे कोई अपने पिता को पुकारता है. (१४) मा ते अमाजुरो यथा मूरास इन्द्र सख्ये त्वावतः. नि षदाम सचा सुते.. (१५) हे इंद्र! तुम जैसे देव की मित्रता के प्रति अज्ञानी बनकर हम सोमरस निचोड़ना न छोड़ दें. हम सोमरस निचोड़ने के बाद एक जगह बैठेंगे. (१५) मा ते गोदत्र निरराम राधस इन्द्र मा ते गृहामहि. दृळ्हा चिदर्यः प्र मृशाभ्या भर न ते दामान आदभे.. (१६) ebook converter DEMO Watermarks*