ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 125, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंधन मांगना, मादक, गिरना, धावा बोलना, प्रेरक, स्थान प्राप्ति, हितकारी जल, घोड़े जोड़ना, एतश, सींचने की प्रार्थना, शत्रु, अक्षय धन, अन्न, बल मांगना १-१२ तेजस्वी, गिरना, टपकना, मादक, मसलना, धन मांगना, सींचने का आग्रह, मसलना, प्रेरणा, दीप्तिशाली, प्रशंसनीय धन, शत्रुनाशक, राक्षसों के नाश की प्रार्थना, सोम बनाना, निर्माण, शत्रुओं, राक्षसों का वध करने, श्रेष्ठ बल व धन याचना १३-३० ६४. सोम की स्तुति १-३० कर्म धारण, अभिलाषापूरक, हिनहिनाना, पशु व संतान मांगना, निर्माण, छनना, धन मांगना, धाराओं का बनना, धन याचना, शब्द करना, बढ़ाना, बैठना १-११ देवाभिलाषी, गायों के समीप आने, अन्न, धन देने व इंद्र के स्थान पर जाने की प्रार्थना १२-१५ बनना, जाना, घर-रक्षार्थ प्रार्थना, जलवास, यज्ञ छोड़ना, नरक में डूबना, टपकने की प्रार्थना, मसलना, अर्यमा आदि, सोमपान, पवित्र सोम १६-२५ वाणी देने व द्रोणकलश में जाने की प्रार्थना, मिलना, चलना २६-३० ६५. सोम की स्तुति १-३० दीप्तिशाली, धन देने व वर्षा भेजने की प्रार्थना, बुलाना, शोभन-आयुध, भरना, व्यश्व ऋषि, अवरोधक, वरण, धन देना, धारक, सर्वद्रष्टा, ओजस्वी १-१४ दुहना, प्रशंसित, धन-बल मांगना, जाना, बहना, धन व पुत्र मांगना, शुद्ध होना, मसलना १५-३० ६६. सोम एवं अग्नि की स्तुति १-३० प्रार्थना, राजा बनना, सुशोभित होना, आह्वान, विस्तार, शासन मानना, धन देना, प्रशंसा, निचोड़ना, दौड़ना, मसलने की इच्छा, जाना, आना, मित्रता चाहना १-१४ प्रवेश हेतु प्रार्थना, शत्रुधन जीतना, दानी, वरण करना, जीवनरक्षक, याचना, गाएं मांगना, सूर्य के समान देखना, समीप जाना, तेज की उत्पत्ति, गिरना, व्याप्त करना, टपकना, सुख मांगना १५-३० ६७. सोम की स्तुति एवं वर्णन १-३२ धाराएं चाहना, यज्ञधारक, शब्द करना, आह्वान, धन मिलना, धन मांगना, इंद्र प्राप्ति, पवित्र होना, प्रेरणा, यात्रा में रक्षा करने व नारियां देने की प्रार्थना, रत्नदाता, ebook converter DEMO Watermarks*