ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 126, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ेंद्रोणकलश, जाना १-१५ मादक सोम, अन्न मिलना, वायु बनाना, प्रयाण, द्रोणकलश में आने, भय भगाने, पापहीन करने, पवित्र करने व पापों से छुड़ाने की प्रार्थना १६-२७ द्रव डालने की प्रार्थना, निकट जाना, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना, अन्न भक्षण, दूध व सोम को दुहना २८-३२ ६८. सोम का वर्णन १-१० टपकाना, धन देना, बल प्राप्ति, रक्षा करना, जलगर्भ, मसलना, अन्न देना १-७ प्रेरणा, शोभित होना, द्यावा-पृथिवी को पुकारना ८-१० ६९. सोम का वर्णन १-१० अर्पण, मुख में पहुंचना, चमकना, स्वयं को ढकना, तेज स्थापित, छनना १-६ पहुंचना, अंगिरा ऋषि, प्रेरणा, सुखदाता ७-१० ७०. सोम का वर्णन १-१० बढ़ना, ढकना, स्तुतियां मिलना, वाक् में रहना, बाधा पहुंचाना, सर्वत्र जाना १-६ शुद्ध करना, ऊंची जगह जाना, मार्ग बताना, शत्रु संहारार्थ प्रार्थना ७-१० ७१. सोम का वर्णन १-९ सूर्य स्थिर करना, शत्रुनाशक, शुद्ध होना, सींचना, पास जाना, स्वर्णिम जगह जाना १-६ सुशोभित होना, गाएं मांगना, ज्ञान कराना ७-९ ७२. सोम का वर्णन व इंद्र की स्तुति १-९ प्रसन्न करना, दुहना, उपेक्षा, लक्ष्य करना, गिरना, आना १-५ उत्तरवेदी, सुख हेतु जाना, धनदाता, आह्वान ६-९ ७३. सोम का वर्णन १-९ मिलना, बढ़ाना, बैठना, वृष्टियुक्त करना, भगाना, उत्पत्ति १-६ स्तुति, पीड़ा देना, जलवास ७-९ ebook converter DEMO Watermarks*